पानीपत। शहर के अंदर चल रही अवैध डेयरियों को अब सील किया जाएगा। इसके लिए निगम ने कमर कस ली है। ये कार्रवाई जल्द चालू की जाएगी। इसके लिए निगम एरिया के अंतर्गत चलने वाले डेयरियों को नोटिस तक जारी कर चुका है। इसके बाद भी निगम की गोबर प्रबंधन नीति के तहत डेयरी संचालक निगम में रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाएं हैं। वहीं, डेयरियों से निकलने वाला वेस्ट शहर की निकासी व्यवस्था में सबसी बड़ी बाधा बना हुआ है।
दूसरी तरफ खास बात ये है कि शहर से डेयरियों को बाहर निकालने के लिए 18 साल पहले गांव बिंझौल में प्लाट बांटे गए थे। इसके बाद भी ये डेयरियां वहां शिफ्ट नहीं हो सकी। पिछले 13 साल से शहरवासी सीएम विंडो, निगम, जिला प्रशासन से लेकर लोक अदालत तक इनकी दर्खास्त लगा चुके हैं। इसके बाद भी इन पर किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोक अदालत में डेयरियों को लेकर एक मामले में वर्ष 2018 में तत्तकालीन उपायुक्त, आयुक्त समेत कई डेयरी संचालक एक्स पार्टी तक घोषित हो चुके हैं। बावजूद इसके भी कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई।
इस पर अब निगम आयुक्त आरके सिंह ने शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए इन पर कार्यवाही करने का प्लान बनाया है। इसके तहत डेयरियों को सील तक किया जा सकता है।
वार्ड नंबर तीन, तहसील कैंप के सुधीर नगर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में उनके एरिया में चल रही डेयरियों के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत की थी। जिस पर पुलिस प्रशासन ने डेयरी संचालकों पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाने की बात भी की थी। दो बार 500-500 रुपये का चालान भी किया गया लेकिन डेयरियां शिफ्ट नहीं हो सकीं। इसके बाद वर्ष 2018 लोक अदालत में इसकी अपील लगाई गई। जिसमें तत्तकालीन आयुक्त, उपायुक्त समेत डेयरी संचालक तक एक्स पार्टी हो गए हैं।
गोबर प्रबंधन नीति में बांटे थे नोटिस-
निगम के मुताबिक इस समय शहर में तीन सौ से भी ज्यादा डेयरियां चल रही हैं। निगम ने हाल ही में गोबर प्रबंधन नीति के तहत इन डेयरियों को नोटिस तक दिए थे। जिनमें डेयरी संचालकों से निगम में रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की गई थी। रजिस्ट्रेशन न होने की सूरत में दस हजार रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी तक दी थी। बाजवूद इसके बहुत कम डेयरी संचालकों ने निगम में अपने रजिस्ट्रेशन करवाए।
सील होंगी डेयरियां- आयुक्त
शहर में चल रही अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इनको नोटिस भी दिए जाएंगे और सीलिंग कार्यवाही भी की जाएगी। इसके लिए रणनीति पर काम किया जा रहा है।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।