पिछले एक साल से लंबित चार जोन में शहर की सफाई के टेंडर को खुलने के बाद अब मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। जिसके बाद शुक्रवार को नगर निगम ने दोनों एजेंसियों को इस काम का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। अब आगामी 15 दिनों के भीतर दोनों एजेंसियों को निगम के साथ इस वर्क ऑर्डर पर अनुबंध कर शहर में सफाई का काम शुरू करना होगा। इसमें शहर की सफाई पर 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जोकि सालाना 42 करोड़ होंगे। ये बजट प्रस्तावित 68 करोड़ सालाना के बजट से 26 करोड़ रुपये कम है।
खास बात ये है कि इस टेंडर में एसबीडी के अनुसार ऐसे नियम व शर्तों को शामिल किया गया है जिससे शहर की सफाई भी होगी और खर्च भी कम होगा। सफाई न होने पर एजेंसी पर जुर्माना भी लगेगा और टेंडर को भी रद्द करने का प्रावधान दिया गया है।
इस टेंडर में सड़कों, गलियों से लेकर नाली और नालों तक की पूरी सफाई को शामिल किया गया है। इससे अलग निगम कोई भी टेंडर नहीं करेगा। हालांकि शहर से कूड़े के डोर टू डोर कलेक्शन का काम जेबीएम के पास ही रहेगा। चूंकि जेबीएम ने निगम के साथ 22 साल का अनुबंध किया है।
जोन 1- वार्ड नंबर 1 से 7- 88,70000 रुपये महीना
जोन 2- वार्ड नंबर 8 से 14- 94,90000 रुपये महीना
जोन 3- वार्ड नंबर 15 से 20- 84,36936 रुपये महीना
जोन 4- वार्ड नंबर 1 से 26- 82,36936 रुपये महीना
कुल 3 करोड़ 50 लाख 33 हजार 872 रुपये महीना और 42 करोड़ 4 लाख 6 हजार 464 सालाना में होगी शहर की सफाई।
टेंडर एसबीडी के अनुसार दोनों एजेंसियों को शहर से स्वच्छ भारत मिशन, एनजीटी, मृतक पशु, नालों की सफाई, रोड की सफाई, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट की सभी शिकायतों का निवारण करना होगा। 3 घंटे में अगर समाधान नहीं होता है तो पेनेल्टी का भी प्रावधान किया गया है। जो प्रति दिन के हिसाब से अलग अलेगी। काम संतुष्टि जनक न मिलने पर एसबीडी के अनुसार टेंडर को रद्द करने का भी प्रावधान बनाया गया है।
2017-18 की वार्ड बंदी के अनुसार शहर की जनसंख्या 7.13 लाख के आधार और शहर के नालों और सड़कों की लंबाई के आधार पर शहर की सफाई करवाई जाएगी। 500 मीटर के बीच में एक सफाई कर्मचारी को तैनात किया जाएगा। शहर की सड़कों और नालियों की लंबाई करीब 978 किलोमीटर है। इस हिसाब से इनकी सफाई के लिए 1956 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा कूड़ा उठान और ब्लॉकेज खोलने के लिए ट्रैक्टर ट्राली, जेसीबी, छोटे टैम्पो, ई-रिक्शा अलग से रहेंगी।
शहर के चार जोन की सफाई के टेंडर की अनुमति मुख्यालय ने दी है। इस पर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। इसमें पहले से काफी कम बजट में शहर की बेहतर सफाई होगी। सफाई न होने पर पेनेल्टी का भी प्रावधान किया गया है। जल्द ही नए टेंडरों से शहर में सफाई शुरू करवा दी जाएगी।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।