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नए उद्योगों को लेना ही होगा गैस कनेक्शन

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पानीपत। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से चंडीगढ़ में मिलते हुए पानीपत के उद्योगपति अपनी मांगों को ? - फोटो : Panipat
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पानीपत। उद्योगों की परेशानियों को लेकर उद्यमी वीरवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। करीब दो घंटे तक चली मुलाकात के बाद पुराने उद्योगों को फिलहाल पाइप नेयुरल गैस (पीएनजी) और लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का कनेक्शन लेने से राहत मिल गई है। हालांकि नए उद्योगों के लिए पीएनजी और एलपीजी का कनेक्शन लेना अनिवार्य है।
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गौरतलब है कि पानीपत में 70 उद्योग ही पीएनजी और एलपीजी पर चल रहे हैं वहीं एक हजार उद्योग कोयले पर आधारित हैं। इस संबंध मेें हुई बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी एस नारायणन भी शामिल हुए, जिन्होंने नए उद्योगों के लिए पीएनसी एवं एलपीजी की अनिवार्यता पर राहत देने से इनकार कर दिया। ऐसे में जो उद्यमी नए उद्योग लगाने की सोच रहे हैं, उन्हें गैस कनेक्शन लेने ही पड़ेंगे। वे कोयले का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
इस मौके पर उद्यमियों ने पीएनजी-एलपीजी की समस्या के साथ ही भूजल के इस्तेमाल की ऑनलाइन मॉनीटरिग के लिए सिस्टम लगाने की अनिवार्यता और औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-29 के एन्हांसमेंट के मुद्दे को भी उठाया। डिप्टी सीएम ने एन्हांसमेंट की रिकैल्कुलेशन के संदर्भ में मुख्यमंत्री के साथ ही बैठक करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही भूजल के इस्तेमाल की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए सिस्टम लगाने की अनिवार्यता रद्द करने के लिए भी विचार करने का आश्वासन दिया है। उद्यमियों ने डिप्टी सीएम के साथ हुई इस मुलाकात को फिलहाल सार्थक करार दिया है।
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इन मुद्दों पर रही चर्चा, ये रहा निष्कर्ष
पीएनजी-एलपीजी कनेक्शन की अनिवार्यता
डायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भीम राणा ने नए व पुराने उद्योगों के लिए पीएनजी एवं एलपीजी का कनेक्शन की अनिवार्यता का मुद्दा रखा। उन्होंने बताया कि इस अनिवार्यता से उद्योग दूसरे प्रदेशों में पलायन को मजबूर होंगे। बेरोजगारी बढ़ेगी। पीएनजी-एलपीजी का सेटअप महंगा है, इसलिए सरकार से सब्सिडी मांगी है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने इस मुद्दे पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी एस नारायणन को बुलाया तो उन्होंने बताया कि नए उद्योगों के लिए पीएनजी एवं एलपीजी का कनेक्शन अनिवार्य है। ये एनजीटी एवं सीपीसीबी का आदेश हैं। पुराने उद्योगों के लिए फिलहाल पीएनजी एवं एलपीजी का कनेक्शन अनिवार्य नहीं है। पुराने उद्योगों को नोटिस जारी कर सिर्फ पूछा गया है कि वे कब तक गैस पर आ जाएंगे। इस पर उद्यमियों ने राहत की सांस ली।
भूजल की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए सिस्टम लगाने की अनिवार्यता
उद्यमी प्रीतम सचदेवा ने मेंबर सेक्रेटरी के सामने भूजल के इस्तेमाल की ऑनलाइन मॉनीटरिंग का मुद्दा रखा। उन्होंने कहा कि उद्योगों का पानी एसटीपी में जाता है, वहां पानी की ऑनलाइन मॉनीटरिंग होती है। ऐसे में उद्यमियों को फैक्टरी में ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम लगाने से छूट दी जाए। इस सिस्टम की कीमत लाखों में है और उद्यमियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस पर मेंबर सेक्रेटरी ने एक और बैठक कर हल निकालने का आश्वासन दिया है।
औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-29 की एन्हांसमेंट का मुद्दा
सेक्टर-29 इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीभगवान अग्रवाल ने एन्हांसमेंट की रिकैल्कुलेशन का रखा। उन्होंने कहा कि सेक्टर-29 की रिकैल्कुलेशन हो चुकी है। रिकैल्कुलेशन की दर को 967 से बदलकर 97 रुपये प्रति मीटर तय किया गया है। ये फाइल सीएम कार्यालय में है। इस पर सीएम जल्द स्वीकृति दें। डिप्टी सीएम ने इस बारे में जल्द सीएम से बैठक करने का आश्वासन दिया है।
बैठक सार्थक, जल्द समाधान की उम्मीद
बैठक सार्थक रही है। डिप्टी सीएम ने एन्हांसमेंट के मुद्दे पर जल्द सीएम से बात कर नोटिस जारी करने का आश्वासन दिया है। - श्रीभगवान अग्रवाल, प्रधान, सेक्टर-29 इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन
पुराने उद्यमियों को राहत मिली है
पुराने उद्यमियों के लिए फिलहाल पीएनजी एवं एलपीजी का कनेक्शन लेना अनिवार्य नहीं है। पुराने उद्यमियों को राहत मिली है। नए उद्यमियों को फिलहाल कनेक्शन लेने पड़ेंगे। - भीम राणा, प्रधान, डायर्स एसोसिएशन
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