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खिलाड़ियों को नीरज का मंत्र : मेडल के लिए जज्बे और जुनून की आग जरूरी

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पानीपत। गांव खंडरा से नीरज चोपड़ा को लेने दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना होते हुए उसके माता-पिता व ? - फोटो : Panipat
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पानीपत। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने उभरते खिलाड़ियों को कामयाबी के मंत्र देते हुए कहा कि मेडल के लिए जज्बे और जुनून की आग जरूरी है। प्रतियोगिता कितनी भी बड़ी हो और प्रतिद्वंद्वी कितना भी मजबूत हो, घबराना नहीं चाहिए, खिलाड़ी को सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। कामयाबी खुद आपके कदम चूमेगी।
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ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा से मिलने के लिए जब उनकी मां सरोज चोपड़ा और पिता सतीश चोपड़ा दिल्ली स्थित अशोक होटल पहुंचे तो यह पल उनके गौरवमयी हो गया है। दिल्ली में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर व पूर्व खेल मंत्री किरण रिजजू ने उन्हें सम्मानित किया। टोक्यो से लौटने के बाद नीरज चोपड़ा का दिल्ली में भव्य स्वागत हुआ। बताया जा रहा है कि अभी प्रधानमंत्री भी मेडल विजेता सभी खिलाड़ियों से मिलेंगे इसलिए पानीपत अपने गांव वापस पहुंचने में नीरज को एक से दो दिन लग सकते हैं।
उधर, सम्मान लेने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है। आज भारत का नाम दुनिया में चमक रहा है। यही उनके लिए सबसे गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक जीवन का महत्वपूर्ण मौका था, ऐसे में यह ठान ली थी कि इस मौके को छोडूंगा नहीं। मुकाबले में अच्छे प्रतियोगी थे, लेकिन प्रतियोगी कितना भी बड़ा क्यों न हो, घबराना नहीं चाहिए। हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए। फाइनल में दूसरे थ्रो में पता चल गया था कि यह उस मौके पर मेरा सर्वश्रेष्ठ है। अगले दिन हाथ, कमर और गांधे पर दर्द भी रहा, लेकिन जब मेडल पास में होता तो दर्द भी दूर हो जाता है।
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अब 90 का बैरियर तोड़ना लक्ष्य
नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में 87.58 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता है। लेकिन नीरज का निशाना अब 90 मीटर का बैरियर तोड़ना है। नीरज ने कहा कि पानीपत लौटने के बाद से ही वे अपना अभ्यास शुरू कर देंगे। उनका पहला लक्ष्य 90 मीटर के बैरियर को पार करना होगा। उसके बाद वे अपना प्रदर्शन और बेहतर बनाएंगे। नीरज के अनुसार कि पेरिस ओलंपिक में भी वह देश के लिए स्वर्ण पदक लेकर आएं, इसके लिए वह अभी से तैयारियों में जुट जाएंगे।
जब से जीता है, जेब में लेकर घूम रहा हूं मेडल
ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद से नीरज खासे उत्साहित हैं। उनसे जब पूछा गया कि मेडल जीतने के बाद वह कैसा महसूस कर रहे हैं, तो नीरज ने कहा कि देश के लिए मेडल जीतने की खुशी वह जाहिर नहीं कर पा रहे हैं। बस, इतना कहना चाहता हूं कि जब से मेडल जीता है, तभी से मेडल को जेब में संभालकर घूम रहा हूं। उनका मेडल देश के लिए गर्व और उनकी मेहनत की कमाई है।
फैशन बाद में कर लेंगे, मामला ओलंपिक का था इसलिए कटवाए लंबे बाल
लंबे बाल रखने के शौकीन नीरज चोपड़ा ओलंपिक में किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने लंबे बालों से भी किसी प्रकार का समझौता न करते हुए ओलंपिक से पहले उन्हें कटवा दिया। नीरज ने कहा कि लंबे बाल उनका शौक है, मगर खेल के दौरान लंबे बालों की वजह से उनके माथे पर पसीना ज्यादा आता था, जो सरककर आंखों तक पहुंचता था। इससे कई बार उनकी एकाग्रता बिगड़ने का खतरा रहता था। उन्होंने इसके लिए माथे पर हेड बैंड भी लगाया, ताकि यह बैंड उसका पसीना सोख ले। मगर बात नहीं बनी, पसीना फिर भी आंखों पर आ ही जाता था। बाल बांधकर भी देखे, मगर खेलते हुए वे खुल जाते थे। नीरज कहते हैं कि ‘अब चूंकि मामला ओलंपिक का था, इसलिए मैने सोचा कि फैशन तो बाद में भी कर लेंगे, इसलिए ओलंपिक से पहले लंबे बात कटवा दिए।
...वो भावुक पल, जब नम हुईं मां-पिता की आंखें
बेटे का सम्मान देखने नीरज चोपड़ा के माता-पिता दिल्ली पहुंच चुके हैं। सोमवार शाम को वह अशोक होटल में पहुंचे। वे अभी वहीं रहेंगे और नीरज के साथ ही आएंगे। मां-बाप से मिलने के बाद नीरज भावुक हो गया। बेटे की कामयाबी भी माता-पिता भी फूल नहीं समा रहे हैं। माता-पिता ने नीरज को होटल के हॉल में सोफे पर बीच में बिठाया और खूब दुलार किया। नीरज ने पहले मां और फिर पिता का मुंह मीठा करवाया। उसके बाद नीरज ने अपना मेडल जेब से निकाल कर मां के गले में पहना दिया। जिससे मां भावुक हो गईं। मां ने अपने गले से स्वर्ण पदक निकाला और नीरज को वापस किया। जिसके बाद नीरज ने वही मेडल अपने पिता के गले में पहना दिया। इस पल को जीने के लिए बेताब पिता ने मेडल को माथे से लगाया और उनकी आंखें भी नम हो गई। माता-पिता दोनों ने बीच में बैठे अपने लाल नीरज को दुलार किया। इस पल को देखकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए। उधर, इस सम्मान समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा कि नीरज चोपड़ा आज सभी उभरते खासकर ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले खिलाड़ियों के यूथ आइकन बन गए हैं। उन्होंने नीरज को शुभकामनाएं दी।
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