नीरज की जीत पर खुशी से उछलते उपायुक्त सुशील सारवान और चाचा भीम चोपड़ा
- फोटो : Panipat
ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाकर नीरज चोपड़ा ने पिता सतीश चोपड़ा का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। नीरज के पिता और किसान सतीश चोपड़ा ने कहा कि चार साल पहले कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद सब बदल गया। कॉमनवेल्थ में स्वर्ण और जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद से गांव खंडरा के नाम से कम और नीरज का गांव कहकर ज्यादा जाना जाता है। लोग कहते हैं कि नीरज के गांव जाना है। अब ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाकर नीरज ने गांव का नाम पूरे भारत में प्रसिद्ध कर दिया है। अब देश के लोग खंडरा को नीरज के नाम से जानेंगे। इससे ज्यादा खुशी और क्या हो सकती है।
चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि जब तक हमने नीरज को पाला तब तक हमारा बेटा था, अब ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह पूरे देश का बेटा हो गया है। नीरज ने गांव, जिले, राज्य को नहीं बल्कि देश को स्वर्ण पदक दिया है।
गांव में आने पर मुंह मीठा करा करूंगा पोते का स्वागत : दादा
दादा धर्मवीर सिंह चोपड़ा ने कहा कि गांव आने पर अपने पोते का भव्य स्वागत करेंगे। मेरे पोते ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। मुझे अपने पोते पर विश्वास था कि वह एक दिन देश का नाम जरूर रोशन करेगा।
गांव खंडरा में घर के बाहर नीरज को स्क्रीन पर देखते लोग , मोबाइल से फोटो लेते हुए- फोटो : Panipat