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नीरज चोपड़ा जीत के 10 दिन बाद पहुंचे घर, हुआ जोरदार स्वागत

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पानीपत। गांव खंडरा में पहुंचे गोल्डन ब्यॉय नीरज चोपड़ा स्टेज से गोल्ड मेडल दिखाते हुए। - फोटो : Panipat
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टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा अपनी जीत के 10 दिन बाद मंगलवार को घर पहुंचे। लोगों ने रोड शो के दौरान उनका जोरदार स्वागत किया। सुबह करीब 8 बजे पानीपत की सीमा में प्रवेश करते ही उन्हें देखने की खुशी में लोग उमड़ पड़े।
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इससे पहले नीरज चोपड़ा दिल्ली से समालखा पहुंचे। जहां उपायुक्त के साथ ही अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद गांव सिवाह, लाल बत्ती चौक, असंध रोड, मतलौडा में भी नीरज का गुलदस्तों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान हर कोई नीरज को देखने के लिए आतुर रहा। नीरज के साथ युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग मोटरसाइकिल और कारों पर सवार होकर तिरंगा झंडा लगाए भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
समालखा से लेकर उनके पैतृक गांव खंडरा तक रोड शो निकाला गया। कार की खुली छत से बाहर आकर नीरज हाथ हिलाकर और जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार करते रहे। उनकी तरफ आने वाले फूल और मालाओं को भी स्वीकार किया। पूरे रोड शो के दौरान काफिले में उपायुक्त सुशील सारवान कार की अगली सीट पर मौजूद रहे। नीरज चोपड़ा की जीत से खुश होकर गांव खुखराना के लोगों ने उन्हें 30 तोले चांदी का भाला भेंट किया। वहीं, पूर्व मंत्री कृष्णलाल पंवार ने नीरज चोपड़ा को हीरो कंपनी की एक्स्ट्रीम मोटरसाइकिल की चाबी भी सांकेतिक रूप से भेंट की।
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तबीयत खराब होने से कम देर ही रुके, चंडीगढ़ रवाना हुए
तबीयत खराब होने, प्रोटोकॉल और ज्यादा भीड़ होने के कारण नीरज अपने घर ज्यादा देर तक नहीं ठहर सके। महज 45 मिनट बाद उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें वापस लौटना पड़ा। उपायुक्त सुशील सारवान ही उन्हें अपनी गाड़ी में वापस ले गए।
लोगों ने नीरज को दिया प्यार, दुआएं और आशीर्वाद
इसके बाद नीरज विभिन्न गांवों से होते हुए अपने गांव खंडरा पहुंचे। जहां पूरा गांव बच्चे से लेकर जवान प्यार और बुजुर्ग आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे थे। नीरज को गांव की ओर से पगड़ी भी पहनाई गई और संस्कृति पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। नीरज इसी स्कूल के छात्र रहे हैं।
मेरा नहीं, पूरे देश का पदक : नीरज
नीरज चोपड़ा ने कहा कि यह पदक मेरा नही है, बल्कि पूरे देश का है। सभी देशवासियों के प्यार ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी की दुआओं ने मुझे पदक जीतने के काबिल बनाया। ओलंपिक में मुझसे भी बहुत बेहतर खिलाड़ी खेल रहे थे, लेकिन यहां के लोगों का प्यार और दुआएं ही थीं कि स्वर्ण पदक जीता।
124 साल का इंतजार और 125 करोड़ लोगों का प्यार लाया पदक : सुशील सारवान
उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि 124 साल के इंतजार में 125 करोड़ लोगों के प्यार व दुआ है कि तीसरी सदी में एक एथलीट देश मेें स्वर्ण पदक लेकर आया है। उन्होंने कहा कि इस जिले के लोग जानदार भी हैं और शानदार भी।
यह भी पहुंचे
इस अवसर पर मेयर अवनीत कौर, विधायक बलबीर वाल्मीकि, सांसद संजय भाटिया के सुपुत्र चांद भाटिया, विधायक महिपाल ढांडा के भाई महिपाल ढांडा, जेजेपी नेता देवेंद्र काद्यिान, सुरेश काला, पार्षद लोकेश नांगरू व अशोक कटारिया, प्रसिद्ध कुश्ती खिलाड़ी नैना, गांव के ही अर्जुन अवार्डी अजमेर सिंह चोपड़ा, नीरज चोपड़ा के दादा धर्म सिंह चोपड़ा, चाचा भीम चोपड़ा और कर्मवीर चोपड़ा भी मौजूद रहे।

पानीपत। रोड शो के दौरान पानीपत-असंध रोड से जाते हुए नीरज चोपड़ा।- फोटो : Panipat

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