टोक्यो पैरालंपिक में पानीपत के भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप की आज अग्निपरीक्षा है। शनिवार को 3 बजकर 40 मिनट पर उनका मुकाबला है। बेटे की जीत के लिए मां मुकेश ने शुक्रवार को घर पर पूजा शुरू कर दी है। उनकी भाभी भी पूजा कर जीत के लिए प्रार्थना कर रहीं हैं। इसराना हलके के गांव बुआना लाखू निवासी नवदीप टोक्यो पैरालंपिक में खेलने वाले पानीपत के पहले खिलाड़ी हैं। अपनी श्रेणी में वे इस सीजन के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी हैं। ऐसे में उनसे उम्मीद अधिक हैं।
नवदीप के पिता दलबीर ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि नवदीप स्वर्ण पदक जीतकर ही लौटेगा और देश का नाम रोशन करेगा। उन्होंने कहा कि बेटे के लौटने पर गांव में भव्य स्वागत करेंगे। पिता का कहना है कि वह सौभाग्यशाली हैं कि नवदीप ने उनके बेटे के रूप में जन्म लिया, जिसने कभी हार नहीं मानी। अब उसके पास देश का नाम रोशन करने का मौका है।
चने के लड्डू खिलाकर करूंगी स्वागत : मुकेश
नवदीप की मां मुकेश ने बताया कि नवदीप के मुकाबले को लेकर काफी बेचैनी है। एक दिन पहले से ही भगवान की पूजा कर प्रार्थना शुरू कर दी है। बेटा पदक जीतकर लौटेगा तो चने के लड्डू खिलाकर स्वागत करूंगी।
पिछले डेढ़ साल से घर नहीं आए नवदीप
पिछले डेढ़ साल से नवदीप पैरालंपिक की तैयारी के कारण घर नहीं आ पाए हैं। आखिरी बार परिवार नवदीप से टोक्यो पैरालंपिक के लिए रवाना होने से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला था। टोक्यो जाने के बाद नवदीप की दो बार माता-पिता से बात हुई है। नवदीप के पिता ने बताया कि बेटे ने कहा कि वह ठीक से पहुंच गया है और अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि बीते दो दिन से नवदीप से बात नहीं हो सकी है।
सुन पेंगजियांग और नुखायलवी विलडन के साथ है कड़ा मुकाबला
पैरालंपिक के फाइनल मैच में नवदीप का कड़ा मुकाबला केवल दो खिलाड़ियों से है। हालांकि नवदीप इस सीजन में सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने वाले खिलाड़ी हैं। चीन के सुन पेंगजियांग और इराक के नुखायलवी के साथ उनका सीधा मुकाबला है। इन दोनों खिलाड़ियों ने नवदीप के करियर बेस्ट से अधिक दूरी तक भाला फेंका है। नवदीप का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 43.58 मीटर है, चीन के खिलाड़ी का 44.35 और इराक के खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 43.96 मीटर है।
जीत चुके हैं स्वर्ण पदक
2010 में दुबई में हुई विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
जूनियर व अंडर-20 पैरा नेशनल चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक।
2019 स्विट्जरलैंड में हुई पैरा विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।