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Panipat News: धागा फैक्टरी में भीषण आग, श्रमिक की जिंदा जलकर मौत

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ऋशु। फाइल फोटो-परिजन
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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। शिवनगर स्थित सीआरजी धागा फैक्टरी में मंगलवार तड़के करीब 3:40 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 20 वर्षीय श्रमिक ऋशु की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक गंभीर धनेश्वर रूप से झुलस गया। घटना के समय फैक्टरी में करीब 100 कर्मचारी काम कर रहे थे। करीब सात घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आग लगते ही फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई। फैक्टरी मालिक ने साइक्लोन मशीन में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया है, जबकि दमकल विभाग ने प्रथम दृष्टया आग लगने के कारणों को लेकर अन्य आशंकाएं भी जताई हैं। जांच के दौरान फैक्टरी प्रबंधन के पास फायर एनओसी नहीं मिली। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
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प्रत्यक्षदर्शी निरंजन और श्रेयांश ने बताया कि सोमवार रात फैक्टरी में करीब 100 कर्मचारी काम कर रहे थे। ऋशु मंगलवार तड़के करीब 3:10 बजे उठकर पानी पीने आया था। इसके बाद वह वेस्ट पैकेजिंग रूम में जाकर सो गया। करीब आधे घंटे बाद वेस्ट पैकेजिंग रूम से धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कमरे में वेस्ट सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी।
उन्होंने फैक्टरी मालिक को सूचना दी। इसके बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। फैक्टरी के कर्मचारी भी आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। आग बुझने के बाद कर्मचारियों ने मौके पर मिले एक मोबाइल फोन के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ऋशु का शव मिला, जबकि एक अन्य श्रमिक धनेश्वर गंभीर रूप से झुलसा हुआ मिला।
उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही सेक्टर-29 थाना प्रभारी रोबिन भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया।

मां के साथ फैक्टरी में काम करता था ऋशु
राजनगर निवासी कविता ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार पिछले 15 वर्षों से राजनगर में रह रहा है। उनके पति पप्पू की मौत हो चुकी है। वह खुद सीआरजी फैक्टरी में दिन के समय काम करती हैं, जबकि उनका 20 वर्षीय बेटा ऋशु भी इसी फैक्टरी में वेस्ट पैकेजिंग का काम करता था। सोमवार शाम को वह रात की शिफ्ट में ड्यूटी पर गया था। मंगलवार तड़के उन्हें फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली। हादसे में बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

चार दमकल गाड़ियों ने सात घंटे में बुझाई आग
दमकल विभाग की चार गाड़ियों ने करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जिला दमकल अधिकारी गरमेल ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान फैक्टरी प्रबंधन से फायर एनओसी मांगी गई, लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। फैक्टरी का फायर फाइटिंग सिस्टम भी अधूरा मिला। ऐसे में बिना फायर एनओसी के फैक्टरी चलने और सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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सेक्टर-29 थाना प्रभारी रोबिन ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। हादसे में ऋशु की मौत हुई है, जबकि एक अन्य श्रमिक धनेश्वर गंभीर रूप से झुलसा है। परिजनों ने घटना को हादसा बताते हुए बयान दिए हैं। इसके आधार पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है। फैक्टरी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी विक्रम ने बताया कि आग इत्तेफाकिया लगी है। फैक्टरी प्रबंधन पीड़ित परिवार के साथ है।

ऋशु। फाइल फोटो-परिजन

ऋशु। फाइल फोटो-परिजन

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