समालखा। समय से पहले गर्मी आने और बदलते मौसम ने गेहूं की पैदावार को भी कम कर दिया है। प्रति एकड़ 8-10 क्विंटल गेहूं कम निकलने से किसानों को भी नुकसान हुआ है। मंडी में लंबा चलने वाला गेहूं का सीजन बीस दिन में ही ढलान की तरफ है। गत सीजन की तुलना में मंडी में गेहूं की आवक अभी तक करीब 1.41 क्विंटल कम है।
आवक कम होने का सीधा असर मार्केट कमेटी के राजस्व पर भी पड़ेगा। क्षेत्र में इस बार गेहूं का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम होता प्रतीत हो रहा है। इसका कारण किसानों की ओर से वक्त से पहले अचानक पारा बढ़ने और गर्म हवाओं से फसल को नुकसान होना बताया जा रहा है। किसान राजेंद्र, विश्वजीत, ओमी, रणधीर, जयपाल आदि ने बताया कि परमात्मा लगातार उनकी परीक्षा ले रहा है। पहले प्रति एकड़ 25 क्विंटल के करीब गेहूं निकलता था लेकिन इस बार यह घटकर मात्र 16 क्विंटल पर आ गया है। इससे किसानों को प्रति एकड़ आठ से दस क्विंटल का नुकसान झेलना पड़ा है। बदले मौसम से गेहूं का दाना भी काफी बारिक हुआ और उत्पादन भी घट गया।
मंडी में आवक हुई कम
गेहूं की पैदावार में कमी का अंदाजा मंडी में विभिन्न एजेंसियों की ओर से गत वर्ष और इस सीजन में की गई खरीद से आसानी से लगाया जा सकता है। सरकार ने प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं खरीद की शुरुआत की थी लेकिन समालखा मंडी में पांच अप्रैल के बाद ही खरीद की शुरुआत हुई। गत वर्ष अभी तक 7,32,115 क्विंटल आवक हो चुकी थी जबकि अभी तक डीएफएससी ने करीब 2,43,267 क्विंटल, हैफेड ने 1,85,327 क्विंटल, वेयर हाउस ने 76,072 क्विंटल और निजी एजेंसियों ने करीब 86,000 क्विंटल खरीद की। यह पिछले सीजन से करीब 1,41,515 क्विंटल कम है। आवक कम होने से मार्केट कमेटी के राजस्व का भी नुकसान होना तय है। इस संबंध में मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि अभी आवक कम हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में आवक कम हुई है।