इसराना। करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज का प्रकरण गरमाता जा रहा है। अब संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को फिर से करनाल में महापंचायत बुलाई गई है। इसके लेकर गांव कारद में शुक्रवार को बैठक की गई। जहां से किसानों से अपील की गई कि बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचें।
बैठक में भाकियू के जिला महासचिव हरिंदर राणा ने कहा कि जो सरकार काले झंडे दिखाने पर किसानों पर एफआईआर दर्ज करती आ रही है, एसडीएम की वीडियो सबूत के तौर पर होने के बावजूद कार्रवाई से कतरा रही है। जांच का बहाना किया जा रहा है। कृषि कानूनों के विरोध के साथ ही करनाल लाठीचार्ज मामले में एसडीएम को संस्पेंड कराने के लिए किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि 11 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने करनाल में महापंचायत बुलाई है, जहां कठोर फैसले लिए जा सकते हैं। इस मौके पर जिला प्रवक्ता प्रदीप जागलान ने किसानों से ज्यादा से ज्यादा तादाद में महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया। शुक्रवार को भाकियू ने गांव कारद, भाऊपुर, ब्राह्मण माजरा, परढाना, शाहपुर में जनसमर्थन जुटाने के लिए अभियान चलाया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस दौरान अजमेर कुहाड़, नफेसिंह, हरिचंद मलिक, प्रांतीय ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष बलराज शर्मा, रामकिशन कश्यप, जगदीश, गुलाब, परवीन, हरपाल, प्रकाश, निर्मल, संदीप, महेंद्र, तेजबीर और राजू आदि शामिल रहे।