पानीपत। शहरी स्थानीय निकाय ने दस साल तक के बकाया संपत्ति कर के एक मुश्त भुगतान पर इसके ब्याज में सौ प्रतिशत छूट का एलान किया है। हालांकि इसके लिए शहरवासियों को बकाया टैक्स का भुगतान 31 मार्च 2022 तक करना होगा। इसके बाद डेढ़ प्रतिशत प्रति माह की दर से सालाना 18 प्रतिशत ब्याज जोड़ा जाएगा। यह छूट 2010-11 से लेकर 2020-21 तक के बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज पर दी जा रही है। इस घोषणा पर निगम आयुक्त आरके सिंह ने शहरवासियों से इस स्कीम का लाभ उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अपने बकाया का भुगतान कर ब्याज छूट का लाभार्थी फायदा उठा सकते हैं।
बता दें कि नए सर्वे के मुताबिक शहर मेेें पौने दो लाख संपत्तियां है। निगम डाटा के अनुसार इन पर करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। इसमें दस सालों के बकाया टैक्स का ब्याज भी शामिल है। अब निगम बकायेदारों से इसे वसूलने की तैयारी कर रहा है।
ये है शहर के टैक्स का ब्योरा-
निगम के सभी 26 वार्डों में 307 कॉलोनियों में कुल 1.43 लाख प्रॉपर्टी हैं। इनमें रिहायशी 45334, व्यावसायिक 12027, औद्योगिक 3729, शैक्षणिक 1246, खाली प्लाट 31298, मिक्स यूज 48544 और स्पेशल कैटेगरी की 1505 प्रॉपर्टी शामिल हैं। इन सभी पर संपत्ति कर, एरियर, फायर टैक्स और इसका एरिया मिलाने के बाद और कुल जोड़ में से 6.40 करोड़ की छूट देने के बाद कुल बकाया 267.68 करोड़ रखा गया था। इन सभी में से मार्च 2021 से लेकर दिसंबर तक करीब चार करोड़ की ही रिकवरी हो पाई है।
ये है टैक्स का विवरण
2021-22 के वित्तीय वर्ष के अनुसार निगम आंकड़े बताते हैं कि 1,42,199 यूनिट संपत्तियों पर 24.51 करोड़ का टैक्स है। इसके साथ 226 करोड़ का एरियर बनता है। इस पर दो करोड़ से ज्यादा का फॉयर टैक्स है। वहीं, फॉयर टैक्स पर 14.51 करोड़ का एरियर है। अगर संपत्ति कर दाता कुल भुगतान करते हैं तो उन्हें इस स्कीम का काफी फायदा हो सकता है।
31 मार्च तक टैक्स भर उठाएं योजना का लाभ
31 मार्च तक संपत्ति कर के एकमुश्त बकाया भुगतान पर ब्याज में छूट की योजना आई है। इसके बाद ब्याज लगाया जाएगा। शहरवासियों को 31 मार्च तक अपने बकाया का भुगतान कर स्कीम का लाभ उठाना चाहिए। वहीं, शहरवासियों की संपत्तियों की असेसमेंट देने के लिए याशी एजेंसी काम कर रही है। इसके अलावा सिपंलेक्स कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटवाए जा रहे हैं। -आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।