केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनसीआर के बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए सोमवार रात को कोयला संचालित सभी उद्योगों को 12 दिसंबर तक बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। आदेश के अनुसार सिर्फ पीएनजी आधारित उद्योग ही चलेंगे। सीपीसीबी के निर्देशों से खफा एनसीआर के उद्यमियों ने सोनीपत के मुरथल ब्लॉक में एक निजी होटल में मीटिंग की।
इसमें एक्सपोर्टर, डायर्स व कंबल उद्यमी पहुंचे। उद्यमियों ने सीपीसीबी के निर्देशों का विरोध किया और सीपीसीबी से अपने निर्देश वापस लेने की अपील की। उद्यमियों ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला किया है, लेकिन आंदोलन की तारीख पर अब भी मंथन चल रहा है।
मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम सचदेवा ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों से उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। अब कोयला संचालित यूनिट को 12 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है। ऐसे में लाखों श्रमिक बेरोजगार हो जाएंगे।
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विदेशों से मिले ऑर्डर पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश में चले जाएंगे। पानीपत का एक्यूआई 200 से कम है फिर भी पानीपत के करीब दो हजार उद्योग बंद रहेंगे। सीपीसीबी को अपने निर्देशों में सुधार करना चाहिए। उद्यमी उत्तराखंड व पंजाब की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
मीटिंग में पानीपत डायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भीम राणा, एक्सपोर्ट धनराज बंसल, एक्सपोर्टर पुरुषोत्तम, आरसीसीआई, बावल के अध्यक्ष एसएन शर्मा, सोनीपत से अजीत सिंह व प्रदीप उप्पल, दिल्ली से मनीष केडिया व सांपला से विकास खन्ना मौजूद रहे।
पांच दिन 24 घंटे उद्योग चलाने की अनुमति मांगी
सोनीपत में हुई मीटिंग में उद्यमियों का ये भी मत था कि उन्हें पांच दिन 24 घंटे उद्योग चलाने की अनुमति दी जाए। इसके बाद वे दो दिन उद्योग बंद रख सकते हैं।
एनसीआर के मुख्य जिलों का मंगलवार को एक्यूआई
- दिल्ली 255
- फरीदाबाद 234
- गुरुग्राम 248
- पानीपत 189
- जींद 258
- करनाल 117
- रोहतक 152
- सोनीपत 121