पानीपत। छह साल के इंतजार के बाद भी पानीपत को सरकारी ब्लड बैंक नहीं मिल पाया है। अब भी ब्लड बैंक का प्रोजेक्ट फाइलों में ही गुम है। ब्लड बैंक के स्टाफ के लिए सिविल अस्पताल के पीएमओ तीन बार मांग भेज चुके हैं। अब डीजी हेल्थ ने सिविल सर्जन को जल्द ही सिविल अस्पताल में सरकारी ब्लड बैंक शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके लिए अस्पताल की लैब के डॉक्टरों और कर्मचारियों को पंचकूला में ट्रेनिंग दी जाएगी। इनको ब्लड बैंक चलाने, रक्त एकत्रित करने और रक्त का इस्तेमाल करने संबंधी जानकारी दी जाएगी। ब्लड बैंक सीएम की घोषणा है। इसलिए विभाग इसको जल्द से जल्द शुरू करना चाहता है। डॉ. प्रीति भाटिया को ब्लड बैंक का इंचार्ज बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर पीएमओ ने स्टाफ की नियुक्ति के लिए फिर रिमाइंडर भेजा है।
सरकारी ब्लड बैंक शुरू न होने से लोगों को निजी ब्लड बैंक से ही रक्त खरीदना पड़ रहा है। इसमें सबसे अधिक परेशानी गर्भवतियों को होती है। परिजनों को आनन फानन निजी ब्लड बैंक से मनमाने रेट पर रक्त खरीदना पड़ता है। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि उन्होंने अस्पताल के प्रथम तल पर ब्लड बैंक के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करवा दिया है। तीन बार स्टाफ की मांग भेजी जा चुकी है। रक्त के लिए दो फ्रीजर भी उनके पास हैं लेकिन पैथोलॉजिस्ट नहीं है। अब अस्पताल के स्टाफ को ब्लड बैंक चलाने की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।