समालखा। अधूरी पंजाबी धर्मशाला के चारों तरफ उगी झाड़ियां।
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समालखा। मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल नगरपालिका समालखा के अंतर्गत पंजाबी धर्मशाला का निर्माण कागजों में 87 प्रतिशत पूरा दिखाकर ठेकेदार को 79 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। मौके पर खंभों पर सिर्फ लेंटर ही डाला जा सका है, जिसकी विजिलेंस जांच भी चल रही है। इन बावजूद नगरपालिका 30 लाख रुपये और लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे पंजाबी समाज के लोगों में रोष है।
लघु सचिवालय के पास बिहौली रोड पर करीब पौने एकड़ में पंजाबी धर्मशाला का निर्माण किया जाना है और इस पर करीब 90 लाख रुपये लागत आनी है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दो फरवरी 2019 को गांव जौरासी में धर्मशाला का शिलान्यास किया था। इसके तीन साल बीत जाने के बावजूद धर्मशाला के खंभे ही बनाए जा सके हैं। इस कार्य को भी डेढ़ साल से ज्यादा समय हो चुका है।
पंजाबी समाज के लोगों का कहना है कि 79 लाख में केवल खंभे बनाए जा सके तो 30 लाख में धर्मशाला कैसे बन पाएगी। इसकी जांच चल रही है तो दोबारा से ग्रांट पास करवाना भी मिलीभगत की तरफ इशारा करता है। प्रदेश सरकार को दोषी नपा अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
इस बारे में नगरपालिका जेई गौरव शर्मा का कहना है कि पहले के अधूरे कार्य को लेकर ठेकेदार से बात की जाएगी। इसको लेकर वह नगरपालिका सचिव से भी बात करेंगे।