किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे होने पर किसानों ने बुधवार को मेयर कार्यालय के बाहर सरकार का पुतला फूंककर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। मेयर कार्यालय के बाहर किए गए प्रदर्शन के दौरान सांसद, विधायक, बीजेपी के कई नेता व मेयर भी दफ्तर में मौजूद थी। सभी किसानों ने अपने हाथों में काले झंडे लेकर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पानीपत के किसानों ने पहले सांसद और विधायक के घरों के बाहर सरकार का पुतला फूंकने का प्लान बनाया था, लेकिन विधायक व सांसद अपने घरों में नहीं मिले तो किसान मेयर कार्यालय पहुंच गए और यहां पुतला फूंका। किसानों का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली कि विधायक व सांसद घर पर नहीं हैं और वे सभी मेयर कार्यालय में मौजूद हैं, तो सभी उनके कार्यालय पहुंच गए।
सांसद पहले से थे अंदर, पुतला फूंकते समय कार्यालय में गए विधायक
जब किसान मेयर कार्यालय के बाहर पहुंचे तो सांसद संजय भाटिया पहले से ही कार्यालय में मौजूद थे। वहीं शहरी विधायक प्रमोद विज कार्यालय के बाहर जैसे ही पहुंचे तो किसानों ने नारेबाजी शुरू करते हुए सरकार का पुतला फूंक दिया। इसके बाद जैसे ही किसान शहरी विधायक से बात करने उनकी तरफ बढ़े तो शहरी विधायक अपनी गाड़ी से उतरकर सुरक्षा बल के घेरे में मेयर कार्यालय तक पहुंचे।
विधायक के आगे ही फूंका सरकार का पुतला : जाखड़
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने कहा कि सरकार जानबूझ कर अपनी पब्लिसिटी के लिए किसानों को ठेंगा दिखाकर अपने कार्यक्रम कर रही है। जबकि किसानों ने एलान किया है कि मौजूदा सरकार के किसी भी नेता को सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं करने देंगे। जिसके विरोध के चलते वे पानीपत मेयर कार्यालय के बाहर पहुंचे और विधायक की गाड़ी से उतरते ही उनके खिलाफ नारेबाजी की और बीजेपी नेताओं के सामने ही सरकार का पुतला फूंका।