पानीपत। पत्नी ने लव मैरिज के 15 दिन बाद पति के खिलाफ सदर थाना में उसके अगवा कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत ने साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए बुधवार को उसे बरी कर दिया।
लड़का पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे वकील नरेंद्र भिवान ने बताया कि एक गांव निवासी युवक टेंट का काम करता था। गत वर्ष उसकी एक 22 वर्षीय युवती से दोस्ती हो गई। दोनों ने विवाह का मन बनाया और अप्रैल 2021 में लड़की घर से भागकर लड़के के घर पहुंच गई। दोनों ने पानीपत न्यायालय में शादी कर ली।
शादी के बाद वह युवक के घर पर ही रहने लगी। 15 दिन बाद ही लड़की को ढूंढते हुए उसके परिजन युवक के घर गए और उसे अपने साथ ले गए। 24 अप्रैल 2021 को लड़की ने थाना सदर में युवक के खिलाफ बहला-फुलसाकर अगवा करने, दुष्कर्म करने आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। वहीं पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी और युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वकील ने बताया कि कोर्ट में उन्होंने लड़की की तरफ से लव मैरिज के समय आईजी करनाल में दी शिकायत को ही आधार बनाया। इसमें लड़की ने अपने परिजनों से खुद की जान को खतरा बताया था। हालांकि सदर थाना पुलिस ने कोर्ट में उपरोक्त शिकायत और लव मैरिज के साक्ष्यों को छिपा लिया था। कोर्ट में बुधवार को अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश गगनदीप मित्तल ने युवक को दुष्कर्म के आरोप से बरी होने का फैसला सुनाया।