पानीपत। सब-अर्बन डिविजन के लिपिक सुरेंद्र कुंडू को निलंबित करने के मामले में बिजली कर्मियों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह नौ बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक प्रदर्शन कर लिपिक के खिलाफ हुई कार्रवाई बारे अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। कोई ठोस जवाब नहीं मिलने पर बुधवार को भी क्रमिक धरना-प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। सब-अर्बन डिविजन के कर्मचारियों के हड़ताल पर जान से उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हुई।
उल्लेखनीय है कि रविवार को अवकाश होने पर भी मुख्यालय के आदेशों पर गोहाना रोड पावर हाउस में कार्यरत अधीक्षण अभियंता धर्मबीर छिक्कारा ने सब-अर्बन डिविजन के लिपिक सुरेंद्र कुंडू को निलंबित कर दिया। सोमवार सुबह हरियाणा स्टेट इलेक्टि्रशियन बोर्ड(एचएसईबी) वर्कर यूनियन को लिपिक सुरेंद्र कुंडू के निलंबित किए जाने का पता चला तो यूनियन ने लिखित शिकायत देकर अधिकारियों से कारण पूछा। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कर्मचारी हड़ताल पर उतर आए थे। वहीं कामकाज बंद होने के कारण सब-अर्बन डिविजन कार्यालय में उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई। दोपहर साढ़े 12 बजे कर्मचारी काम पर लौटे तो उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
तानाशाही कर रहे अधिकारी, उपभोक्ता के बाद कर्मचारी भी परेशान
कचरौली गांव के रघुबीर ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से बिजली बिल भुगतान के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे है। गलत बिजली बिल भेजकर निगम ने परेशान कर रखा है। कार्यालय में अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। उपभोक्ताओं के बाद अब अधिकारी कर्मचारियों पर भी तानाशाही रवैया अपनाने लगे हैं, जो गलत है।
लोगों को धूप में खड़ा करवा रहे अधिकारी, नहीं होते काम
काबड़ी गांव की सविता ने बताया कि सब-अर्बन डिविजन में बिल भरने आए उपभोक्ताओं को तपती धूप में कतार में लगकर अपना बिजली बिल निकलवाना पड़ता है। कर्मचारी दोपहर साढ़े 12 बजे तक काम नहीं करते, इससे उपभोक्ताओं का समय खराब होता है। अधिकारियों को उपभोक्ताओं की परेशानी समझते हुए ही कोई कार्रवाई करनी चाहिए।
वर्जन
मुख्यालय से आला अधिकारियों के आदेशों पर लिपिक को निलंबित किया गया है। कर्मचारियों को रिपोर्ट आते ही निलंबित करने का कारण बता दिया जाएगा।
धर्मबीर छिक्कारा, अधीक्षण अभियंता पानीपत सर्कल