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Haryana: जानिए कौन हैं देवेंद्र कादियान, करनाल लोकसभा सीट पर पूर्व सीएम मनोहर के सामने जजपा ने बनाया प्रत्याशी

Mon, 29 Apr 2024 06:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

देवेंद्र कादियान पिछली बार पानीपत ग्रामीण से विधायकी का चुनाव लड़े थे। वह करनाल लोकसभा के स्थानीय उम्मीदवार हैं।
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करनाल से भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल और जजपा प्रत्याशी देवेंद्र कादियान। - फोटो : @mlkhattar / अमर उजाला
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विस्तार
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जननायक जनता पार्टी ने पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नजदीकी रिश्तेदार पानीपत के सिवाह गांव निवासी देवेंद्र कादियान को करनाल लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सीएम मनोहर लाल के सामने उतारा है। 45 वर्षीय देवेंद्र कादियान की पृष्टभूमि इनेलो की रही है।

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उल्लेखनीय है कि देवेंद्र कादियान के पिता स्व. सतबीर सिंह कादियान इनेलो राज में इफ्को के चेयरमैन और हरियाणा विधानसभा के स्पीकर रहे हैं। देवेंद्र कादियान ने 2019 का विधानसभा चुनाव जजपा के टिकट पर लड़ा था और भाजपा के पंचायत एवं सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा को कड़ी टक्कर दी थी। उन्होंने यहां से करीब 47500 वोट मिले थे।

गठबंधन सरकार में पानीपत ग्रामीण विधानसभा भाजपा के कोटे में जाते देख देवेंद्र कादियान ने कांग्रेस के गढ़ समालखा विधानसभा में मैदान तैयार किया। इन साढ़े चार साल में वे समालखा के साथ पानीपत ग्रामीण विधानसभा में लगातार सक्रिय रहे। पार्टी ने उनको प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी और कई जिलों के प्रभारी भी रहे।
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देवेंद्र कादियान का टिकट सोमवार शाम को बाकी पांच लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के साथ जारी किया है। वे उस समय पानीपत के सेक्टर-छह में अपने एक नजदीकी कार्यकर्ता के पास बैठे थे। देवेंद्र कादियान ने कहा कि करनाल और प्रदेश की जनता इस बार बदलाव चाहती है। भाजपा ने पूर्व सीएम मनोहर लाल को करनाल लोकसभा से मैदान में उतारा है। करनाल की जनता उनको रिटायरमेंट पर भेजने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने उनके सामने बहुत ही कमजोर उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। जजपा ने जनता की भावनाओं को समझते हुए करनाल लोकसभा से मैदान में उतारा है। वे लोकसभा के प्रत्येक गांव में पहुंचेंगे और लोगों को काम का भरोसा देंगे। पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इन साढ़े चार साल में प्रदेश में हर वर्ग को साथ लेकर विकास कार्य कराए हैं। कार्यकर्ताओं का कोई काम रुकने नहीं दिया गया है। प्रदेश की जनता का भाजपा और कांग्रेस से मन भर चुका है।

1998 में कॉलेज की छात्र राजनीति से की शुरूआत
देवेंद्र कादियान का अपना बिजनेस है और वे खेती भी संभालते हैं। उनकी शिक्षा बीए और एलएलबी है। उन्होंने 1998 में कॉलेज छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की। वे इनसो के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे। 2004 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव की तैयारी की थी, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए। उनके पिता सतबीर सिंह कादियान और मां बिमला कादियान ने इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़ा है। सतबीर सिंह कादियान चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे। इनेलो से अलग होने के बाद जजपा में चले गए। उन्होंने 2019 में पानीपत ग्रामीण विधानसभा से जजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा।

ये है मजबूत पक्ष 
पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान ने नौल्था विधानसभा से विधायक रहे हैं। अब यह पानीपत ग्रामीण विधानसभा बना दिया। देवेंद्र ने 2019 में जजपा के टिकट पर पानीपत ग्रामीण से चुनाव लड़ा था। इसमें 47500 वोट प्राप्त कर दूसरे नंबर पर रहे थे। गठबंधन सरकार में समालखा विधानसभा में लगातार साढ़े चार साल सक्रिय रहे। इसके अलावा पानीपत ग्रामीण विधानसभा में भी सक्रियता बनाए रखी। 

यह है पार्टी का दावा
कांग्रेस ने भाजपा के सामने बहुत कमजोर उम्मीदवार मैदान में उतारा है। जजपा को जनता के हितों की भावनाओं को समझते ही पार्टी ने उनको चुनाव मैदान में उतारा है। वे तीन मई को नामांकन दाखिल करेंगे। इस बार जनता को साथ लेकर विकास के दरवाजे खोलेंगे।

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कांग्रेस प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा, भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल। - फोटो : संवाद
हरियाणा के पूर्व सीएम के सामने कांग्रेस ने उतारा युवा चेहरा, दिव्यांशु बुद्धिराजा को दिया टिकट
करनाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। यहां पर 31 वर्ष के दिव्यांशु बुद्धिराजा को भाजपा के दिग्गज एवं दो बार मुख्यमंत्री रह चुके मनोहर लाल के सामने उतारा है। बुद्धिराजा राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा व वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नजदीकी बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने करनाल लोकसभा पर दिव्यांशी बुद्धिराजा को उम्मीदवार उतार कर पंजाबी कार्ड खेल कर भी अपनी मजबूती दिखाने की कोशिश की है।

विदित है कि लोकसभा के चुनाव 25 मई को हैं। भाजपा प्रदेश की सभी 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। करनाल लोकसभा से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पिछले दिनों उम्मीदवार घोषित किया था। इससे पहले उनसे मुख्यमंत्री का इस्तीफा लिया था। इसके बाद हर किसी की नजर कांग्रेस के प्रत्याशी पर टिकी हुई थी।

कांग्रेस के टिकट पर कभी वीरेंद्र राठौर तो कभी पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के सुपुत्र चाणक्य पंडित का नाम प्रमुखता से रखा जा रहा था। इन सब के बीच दो दिन पहले एनसीपी के नेता वीरेंद्र मराठा का नाम भी सामने आया था। पानीपत से बड़ा पंजाबी चेहरा वरिंदर शाह का नाम भी कई बार चर्चाओं में चला। गुरुवार को कांग्रेस की सूची में सभी अटकलें और प्रयास धरे रह गए। यहां से दिव्यांशु बुद्धिराजा को उम्मीदवार घोषित किया गया।

युवाओं की उठा चुके हैं आवाज
दिव्यांशु बुद्धिराजा युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे एनएसयूआई के नेता भी रह चुके हैं और पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रधान रह चुके हैं। करनाल के सेक्टर 4 में रहते हैं। वह पिछले लंबे समय से युवाओं को लेकर लगातार सक्रिय थे। उन्होंने युवाओं को रोजगार उनके प्रदेश छोड़कर विदेश में जाने समेत प्रदेश में आयोजित प्रतियोगी परीक्षा को लेकर लगातार आवाज उठाई। उन्होंने पिछले दिनों इसको लेकर न्याय यात्रा भी निकाली थी। उस समय किसी को भी एहसास नहीं था कि दिव्यांशु बुद्धिराजा कांग्रेस के करनाल लोकसभा प्रत्याशी भी हो सकते हैं। युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन कुंडू ने बताया कि कांग्रेस ने युवाओं पर भरोसा किया है और वह लोकसभा चुनाव में कुछ अलग कर दिखाएंगे।

यह रहेगी चुनौती 
दिव्यांशु बुद्धिराजा के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के मजबूत प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल होंगे। मनोहर लाल पानीपत समेत करनाल की सभी नौ विधानसभाओं में दो बार जनसभा कर चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा और बूथ स्तर पर लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। बुद्धिराजा को चुनाव प्रचार के लिए 30 दिन ही मिले हैं। उनको इन 30 दिनों में सभी 9 विधानसभाओं में पहुंचना होगा।

भितराघात का भी करना पड़ सकता है सामना 
करनाल लोकसभा से टिकट के सबसे बड़े दावेदार वीरेंद्र राठौर सबसे आगे थे, वहीं ब्राह्मणों में पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के सुपुत्र चाणक्य पंडित टिकट के मजबूत दावेदार थे। वे दोनों लोकसभा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क भी कर रहे थे। इनके बीच अब वीरेंद्र मराठा भी आ गए थे। वीरेंद्र मराठा ने टिकट के लिए काफी प्रयास किया। वे अब इनेलो के भी संपर्क में थे। इनेलो नेता भी उनका समर्थन देने की तैयारी में थे।

करनाल से कांग्रेस ने युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष, एनएसयूआई के नेता और पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रधान दिव्यांशु बुद्धिराजा को टिकट दिया है। 31 वर्ष साल के दिव्यांशु बुद्धिराजा करनाल के रहने वाले हैं। टिकट का आधार दीपेंद्र हुड्डा, राहुल गांधी के नजदीकी होना माना जा रहा है। वह बीजेपी प्रत्याशी मनोहर लाल के खिलाफ खुलकर बोलते हैं। दिव्यांशु बुद्धिराजा युवा पंजाबी चेहरा है। उनके सामने भाजपा के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके मनोहर लाल बड़ी चुनौती होंगे।
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