जननायक जनता पार्टी ने पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नजदीकी रिश्तेदार पानीपत के सिवाह गांव निवासी देवेंद्र कादियान को करनाल लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सीएम मनोहर लाल के सामने उतारा है। 45 वर्षीय देवेंद्र कादियान की पृष्टभूमि इनेलो की रही है।
उल्लेखनीय है कि देवेंद्र कादियान के पिता स्व. सतबीर सिंह कादियान इनेलो राज में इफ्को के चेयरमैन और हरियाणा विधानसभा के स्पीकर रहे हैं। देवेंद्र कादियान ने 2019 का विधानसभा चुनाव जजपा के टिकट पर लड़ा था और भाजपा के पंचायत एवं सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा को कड़ी टक्कर दी थी। उन्होंने यहां से करीब 47500 वोट मिले थे।
गठबंधन सरकार में पानीपत ग्रामीण विधानसभा भाजपा के कोटे में जाते देख देवेंद्र कादियान ने कांग्रेस के गढ़ समालखा विधानसभा में मैदान तैयार किया। इन साढ़े चार साल में वे समालखा के साथ पानीपत ग्रामीण विधानसभा में लगातार सक्रिय रहे। पार्टी ने उनको प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी और कई जिलों के प्रभारी भी रहे।
देवेंद्र कादियान का टिकट सोमवार शाम को बाकी पांच लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के साथ जारी किया है। वे उस समय पानीपत के सेक्टर-छह में अपने एक नजदीकी कार्यकर्ता के पास बैठे थे। देवेंद्र कादियान ने कहा कि करनाल और प्रदेश की जनता इस बार बदलाव चाहती है। भाजपा ने पूर्व सीएम मनोहर लाल को करनाल लोकसभा से मैदान में उतारा है। करनाल की जनता उनको रिटायरमेंट पर भेजने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने उनके सामने बहुत ही कमजोर उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। जजपा ने जनता की भावनाओं को समझते हुए करनाल लोकसभा से मैदान में उतारा है। वे लोकसभा के प्रत्येक गांव में पहुंचेंगे और लोगों को काम का भरोसा देंगे। पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इन साढ़े चार साल में प्रदेश में हर वर्ग को साथ लेकर विकास कार्य कराए हैं। कार्यकर्ताओं का कोई काम रुकने नहीं दिया गया है। प्रदेश की जनता का भाजपा और कांग्रेस से मन भर चुका है।
1998 में कॉलेज की छात्र राजनीति से की शुरूआत
देवेंद्र कादियान का अपना बिजनेस है और वे खेती भी संभालते हैं। उनकी शिक्षा बीए और एलएलबी है। उन्होंने 1998 में कॉलेज छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की। वे इनसो के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे। 2004 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव की तैयारी की थी, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए। उनके पिता सतबीर सिंह कादियान और मां बिमला कादियान ने इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़ा है। सतबीर सिंह कादियान चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे। इनेलो से अलग होने के बाद जजपा में चले गए। उन्होंने 2019 में पानीपत ग्रामीण विधानसभा से जजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा।
ये है मजबूत पक्ष
पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान ने नौल्था विधानसभा से विधायक रहे हैं। अब यह पानीपत ग्रामीण विधानसभा बना दिया। देवेंद्र ने 2019 में जजपा के टिकट पर पानीपत ग्रामीण से चुनाव लड़ा था। इसमें 47500 वोट प्राप्त कर दूसरे नंबर पर रहे थे। गठबंधन सरकार में समालखा विधानसभा में लगातार साढ़े चार साल सक्रिय रहे। इसके अलावा पानीपत ग्रामीण विधानसभा में भी सक्रियता बनाए रखी।
यह है पार्टी का दावा
कांग्रेस ने भाजपा के सामने बहुत कमजोर उम्मीदवार मैदान में उतारा है। जजपा को जनता के हितों की भावनाओं को समझते ही पार्टी ने उनको चुनाव मैदान में उतारा है। वे तीन मई को नामांकन दाखिल करेंगे। इस बार जनता को साथ लेकर विकास के दरवाजे खोलेंगे।