यातायात पुलिस कर्मचारी प्रवीण कुमार ने बताया कि वो बतौर कौशल निगम पुलिस में बतौर चालक भर्ती हुआ है। वो यातायात ईस्ट जोन में कार्यरत है। पालिका बाजार के पास गुरुद्वारा के सामने उसे एएसआई राजकुमार ने रोका था। एएसआई राजकुमार ने ऑटो चालक अकरम को ऑटो बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी में लाने को कहा। इस पर अकरम ऑटो छोड़कर भाग गया। उसने होमगार्ड सुरेंद्र व दिलावर को इस बारे में बताया। दिलावर वहां मौके पर आया। कुछ देर बाद ऑटो चालक हाथ में एक कैन लाते दिखाई दिया।
उसने कैन से अपने ऊपर डीजल छिड़क लिया और माचिस जलाकर खुद को आग लगा ली। उसने आग बुझाने की कोशिश की तो वह उसे भी पकड़ने लगा। वह भागकर खुद को बचाने लगा तो गिर गया और उसके हाथ पर चोटें आई। उसने ऑटो से अकरम का गमछा उठाकर बड़ी मुश्किल से आग बुझाई और दूसरे पुलिस के जवानों की मदद से उसे नागरिक अस्पताल में लेकर आया।
पुलिस ने बहुत परेशान किया- ऑटो चालक अकरम
ऑटो चालक अकरम का कहना है कि वह गुरुद्वारा के पास से सवारी बैठा रहा था। तभी वहां पर एएसआई आया और ऑटो को डंडे मारने लगा। उसने कहा कि वह सवारियां बैठा रहा तो एएसआई उसके साथ गाली-गलौज करने लगा। उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसको पुलिस चौकी में ले जाने की धमकी दी जाने लगी। वह पुलिस से बहुत परेशान हो गया इसलिए उसने खुद को आग लगा ली। पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर उसने ऐसा किया है।
ऑटो चालक के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ होगी। जांच में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। -सिटी पुलिस राजबीर सिंह, थाना प्रभारी