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Panipat: हरियाणा में गोशालाओं के लिए बढ़ेगा बजट, पानीपत पहुंचे सीएम मनोहर लाल ने किया एलान

Sun, 05 Feb 2023 02:49 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत

सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बजट कम होने की वजह से गायों की देखभाल में दिक्कत आती है, ऐसे में आगामी बजट में इस बात का ध्यान रखा जाएगा। इस बजट का अधिक हिस्सा उन गोशालाओं को मिलेगा, जिनके पास गोवंशों की संख्या अधिक है।
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पानीपत कार्यक्रम में पहुंचे सीएम मनोहर लाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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सीएम मनोहर लाल रविवार को पानीपत में गुरु ब्रह्मानंद गौशाला अहर कुराना के वार्षिकोत्सव में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के आगामी बजट में गोशालाओं के लिए बजट की राशि को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी बजट कम है, जिसकी वजह से गायों की देखभाल में दिक्कत आती है, ऐसे में आगामी बजट में इस बात का ध्यान रखा जाएगा। इस बजट का अधिक हिस्सा उन गोशालाओं को मिलेगा, जिनके पास गोवंशों की संख्या अधिक है। इस मौके पर रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे। 

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ई-टेंडरिंग के विरोध पर सीएम ने ग्रामीणों से पूछा, पारदर्शिता होनी चाहिए या नहीं
ग्राम पंचायतों में ई-टेंडरिंग प्रणाली लागू होने के बाद से सरपंच धरने पर बैठे हैं। सरपंचों ने पहले कुराना में मुख्यमंत्री के विरोध का भी एलान किया था, लेकिन शुक्रवार को गोशाला का कार्याक्रम होने के नाते सरपंचों ने विरोध टाल दिया था। रविवार को गोशाला पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने ई-टेंडरिंग पर वहां मौजूद ग्रामीणों से ही पूछ लिया कि पारदर्शिता होनी चाहिए या नहीं, जिसका ग्रामीणों ने हां में जवाब दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी मित्र सरकार के अच्चे कामों को भी गलत तरीके पेश करते हैं। ई-टेंडरिंग पोर्टल से काम पारदर्शी तरीके से होगा, लेकिन विपक्षी मित्र पोर्टल खत्म करना चाहते हैं। कहते हैं कि परिवार पहचान पत्र खत्म करो। जब हिसाब किताब रखेंगे, तभी गरीबों का कल्याण होगा। सभी को लाभ पहुंचाना है।
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अगर वही पुराना जमाना आ गया तो नुकसान होगा। ई-टेंडरिंग का मकसद सिर्फ पारदर्शिता है। इसमें अधिकारी गड़बड़ी नहीं कर सकेगा। ई-टेंडरिंग से गलती चाहे कितने साल बाद भी पकड़ी जाए, लेकिन पकड़ी जाएगी जरूर।

उन्होंने कहा कि कई सरपंच हैं, जिन्होंने हिसाब-किताब नहीं दिया। पूछा तो बताया कि रिकार्ड खो गया। पारदर्शिता होगी तो ऐसा नहीं होगा। गांव के विकास के लिए हिरयाणा सरकार गंभीर है। गांवों के विकास के लिए 1100 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

इससे कुछ गांवों में विकास का काम शुरू भी हो गया है। जिनका पैसा आ गया है, उनसे विकास कार्य 31 मार्च तक पूरे करा लें। जो पैसा बचेगा, उसे गांव में ही दिया जाएगा। इसलिए अपने सरपंच को बताओ, काम कराना शुरू करें। इसमें गांव का ही फायदा है।

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