पानीपत। लगातार किसानों और आढ़तियों की मांग के बाद मार्केट कमेटी ने अलग-अलग एजेंसियों से बोलकर फसल खरीद के बाद उठान करवाया। पानीपत अनाज मंडी पिछले एक सप्ताह में 70 प्रतिशत तक खाली हो गई है। जिससे अब हजारों क्विंटल आवक को आसानी से अनाज मंडी में रखा जा सकता है। अनाज मंडी खाली होने के बाद भी किसान फसल बेचने के लिए नहीं आ रहे है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार फसल की पैदावार कम हुई है इसलिए किसान फसल लेकर नहीं आ पा रहे है। वहीं किसानों का कहना है कि मजदूर न मिलने से कटाई में समय लग रहा है।
पिछले साल 21 अप्रैल को हुई थी 20 हजार क्विंटल आवक इस बार रह गई पांच हजार
पिछले साल के मुकाबले 20 से 22 अप्रैल को अनाज मंडी में गेहूं फसल की आवक 75 प्रतिशत तक कम हो गई है। 21 अप्रैल 2021 को पानीपत अनाज मंडी में 20 हजार क्विंटल फसल की आवक हुई थी जो इस बार कम होकर महज पांच हजार क्विंटल रही है। वहीं 20 से 22 तक इसी तरह 60 से 70 प्रतिशत तक फसल की आवक कम हो गई है।
अनाज मंडी में नहीं है त्रिपाल की व्यवस्था, खराब मौसम के कारण नहीं ला रहे फसल
पिछले दो दिन से बादल, आंधी और हल्की बूंदाबांदी होने के कारण किसान अपनी फसल लेकर अनाज मंडी नहीं जा रही है। किसानों को पता है कि हर बार कि तरह अनाज मंडी में फसल ढकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होगी। पिछली बार भी अनाज मंडी में फसल लाने के बाद 15 हजार क्विंटल फसल भीग गई थी जिसे किसानों ने दो सप्ताह तक अनाज मंडी में रहकर सुखवाया था। किसानों का कहना है कि अनाज मंडी में त्रिपाल तक की व्यवस्था नहीं है वो भी आढ़तियों से लेनी पड़ती है।
सचिव का कहना : कटाई में लग रहा समय, इसलिए आवक कम
मार्केट कमेटी की सचिव आशा का कहना है कि इस बार गेहूं कटाई में काफी देरी हो रही है जिसकी वजह से आवक भी कम हो गई है। मौसम खराब के कारण कटाई नहीं हो रही थी, अगले सप्ताह से आवक तेज होने की उम्मीद है।