मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत कृषि विभाग ने सरकार के निर्देशानुसार जमीन की मैपिंग शुरू कर दी है। कृषि विभाग समेत बागवानी, सिंचाई तथा मार्केट कमेटी के 188 अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा गांव-गांव जाकर जमीन की मैपिंग की जा रही है। वहीं हड़ताल के चलते ग्राम सचिव इस कार्य में सहयोग नहीं दे पा रहे हैं। कृषि विभाग अधिकारियों के अनुसार जिले के कुल 2,21,000 एकड़ जमीन में से शनिवार शाम तक करीब 1,15,000 एकड़ जमीन का मैन्युअली सर्वे किया जा चुका है। 15 हजार एकड़ से अधिक जमीन का सर्वे पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। कृषि अधिकारियों के अनुसार आगामी एक सप्ताह के अंदर जमीन की मैपिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
धान की जगह वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत फसलों का पंजीकरण करवाया है। सरकार व विभाग द्वारा इस वर्ष भी फसल विविधिकरण योजना के तहत किसानों को वैकल्पिक खेती करने पर 7 हजार रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जाएगा।
कर्मचारियों की कमी
कृषि विभाग में कर्मचारियों की कमी भी फील्ड मैपिंग के कार्य में आड़े आ रही है। सूत्रों की मानें तो कृषि विभाग में कुल पदों का करीब 85 फीसदी पद खाली हैं। विभाग से जुड़े सभी कार्यों का जिम्मा विभाग में कार्यरत करीब 15 फीसदी अधिकारियों व कर्मचारियों के कंधों पर ही है।
जिले में यह रखा गया था लक्ष्य
फसल रकबा
मक्का 1450 एकड़
कपास 100 एकड़
दालें 100 एकड़
चारा 1000 एकड़
बागवानी 2500 एकड़
मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत फील्ड मैपिंग का कार्य शुरू हो चुका है। शनिवार शाम तक करीब 115000 एकड़ जमीन का मैन्यूअली सर्वे किया जा चुका है जबकि करीब 15 हजार एकड़ का सर्वे पोर्टल पर अपलोड भी किया जा चुका है। 21 अगस्त तक सर्वे का कार्य पूरा किए जाने की पूरी संभावना है।
-डॉ. वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।