पानीपत। जानकारी देते हुए किसान।
- फोटो : Panipat
तीन कृषि कानून को रद्द न करने के विरोध में रविवार को मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत है। जिसमें पानीपत से 30 हजार से ज्यादा की संख्या में किसानों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। रविवार की सुबह पांच बजे तीन गुट अलग-अलग किसानों को लेकर रवाना होंगे। दावों के मुताबिक चढूनी गुट से 10 और मान गुट से 15 हजार किसान रवाना होंगे। साथ ही मलिक खाप की ओर से 20 कार और 20 बसों में किसान सवार होकर जाएंगे। वहीं पानीपत-यूपी सीमा से लेकर मुजफ्फरनगर तक वॉलेंटियरों को तैनात कर दिया गया है। ये रास्ते में जाम और लंगर की व्यवस्था को संभालेंगे।
शनिवार को जिले के विभिन्न गांवों में जनसभाओं में भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला अध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने कहा कि सुबह 5 बजे से मुजफ्फरनगर की ओर कूच किया जाएगा। ताकि जाम का सामना न करना पड़े। पानीपत ग्रामीण हलके के गांवों की कमेटियों को भाकियू चढूनी की ओर से झंडे पोस्टर बांट दिए गए हैं।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूूनी का दावा है कि वह 10 हजार से ज्यादा की संख्या में महापंचायत में शामिल होंगे। भारतीय किसान यूनियन मान ग्रुप के सोनू मालपुरिया का कहना है कि वह जिले के 15 हजार किसानों के साथ मुजफ्फरनगर यात्रा में शामिल होंगे। वहीं पानीपत की मलिक खाप ने उग्राखेड़ी में महासभा का आयोजन करके कहा था कि छह गांव से 20-20 की संख्या में कुल 120 बसों में किसान बैठकर महापंचायत में पहुंचेंगे। जिसके साथ हर गांव से 2 बसों में मलिक खाप के किसान और गांव वासी मुजफ्फरनगर कूच करेंगे।
बड़ी संख्या में किसान कर चुके हैं कूच : जाखड़
जिला प्रधान सुधीर जाखड़ ने बताया कि एक दिन पहले शनिवार को हजारों की संख्या में सैकड़ों गाड़ियों से किसान मुजफ्फरनगर कूच कर चुके हैं। भारत के इतिहास में पहली बार लाखों की संख्या में किसानों की रैली में लोग पहुंचेंगे। किसान महापंचायत को देखने के लिए विदेशों से भी लोग मुजफ्फरनगर पहुंच चुके हैं। यह महाकुंभ किसान आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए रीड की हड्डी साबित होगा।
पानीपत। पानीपत टेल टैक्स पर किसानों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान सुधीर जाखड़।- फोटो : Panipat