पानीपत। अनाज मंडी पानीपत स्थित खंड कृषि कार्यालय में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए लाभार्थी किसानों को वैकल्पिक चेक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। 275 कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों का चयन किया गया है। ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ोतरी के लिए प्रयासरत हैं। कृषि को रोजगार का सबसे बड़ा हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। आज ऑनलाइन सिस्टम अपनाने से विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता आई है, जिसके फलस्वरूप किसान को संबंधित योजना का पूरा लाभ उसके बैंक खाते में ही प्राप्त हो जाता है। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रयास भी सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि वे खुद एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और किसानों को आने वाली विभिन्न समस्याओं से भली-भांति वाकिफ हैं। इसलिए किसानों की समस्याओं को दूर करवाने और उनकी आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार से पुरजोर पैरवी करते हैं। इसके फलस्वरूप आज प्रदेश में किसानों को सरसों, बाजरा, चना, मूंग आदि फसलों के लगभग दोगुना दाम मिल रहे हैं। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण अवश्य करवाएं, क्योंकि सरकार की जो भी योजनाएं चलती हैं, वह सभी इसी पोर्टल से जुड़ी हैं और उन्हें योजनाओं का लाभ भी तभी मिलेगा जब उनका पंजीकरण होगा।
विधायक ने किसानों से अपील की कि वे खेती में जहरीले कीटनाशक और खाद आदि का प्रयोग करने के बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाने पर जोर दें। आज प्राकृतिक खेती में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत चालू वर्ष 2022 के लिए किसानों से 31 अगस्त 2022 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। कुल 423 कृषि यंत्रों पर आवेदन प्राप्त हुए। लक्ष्य से अधिक आवेदन आने पर जिला उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी के माध्यम से ड्रॉ किया गया। इसमें 275 कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों का चयन किया गया। उन्होंने बताया कि इन कृषि यंत्रों का पूर्ण पारदर्शिता के साथ भौतिक सत्यापन करवाया गया है। जल्द ही किसानों को अनुदान राशि डीबीटी या पीएफएमएस पोर्टल के जरिये उनके बैंक खाते में डाल दी जाएगी। फसल अवशेष प्रबंधन योजना जिले में सफल रही है, जिसके फलस्वरूप पानीपत जिले में जहां पिछले वर्ष फसल अवशेषों में आगजनी की 252 घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं इस वर्ष केवल 85 घटनाएं दर्ज की गईं। इस अवसर पर सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश भारद्वाज, सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार, खंड कृषि अधिकारी विजेंद्र सिंह, तकनीकी सहायक राजीव कुमार, कृषि विकास अधिकारी राकेश कुमार, तेलूराम, विकास त्यागी, आजाद कुमार, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।