पानीपत। सभी मांगों को मंजूर किए जाने के बाद सिंघु बॉर्डर से पंजाब एवं हरियाणा के किसानों की वापसी जारी है। रविवार को पानीपत के टोल प्लाजा से किसानों की वापसी और तंबू हटाने को लेकर बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया कि सोमवार को शाम से तंबू हटाने का काम कर देंगे। 14 दिसंबर तक वह पानीपत टोल को पूरी तरह से खाली कर देंगे।
पानीपत टोल पर दो अलग अलग तंबू लगाए गए थे। एक तंबू में किसानों का भंडार गृह था, जहां रोज सैकड़ों किसानों के लिए तीनों समय का खाना भी बनता था। वहीं दूसरे तंबू को बैठक के लिए बनाया गया था। किसानों का कहना है कि दोनों तंबू को हटाने में कम से कम भी दो दिन का समय लगेगा।
पानीपत टोल प्लाजा से तंबू हटाने से पहले सोमवार की दोपहर किसानों का सम्मान समारोह आयोजित होगा। जिसमें जिले के किसानों को सम्मानित किया जाएगा। पूरे आंदोलन में दिन रात डटे रहने वाले किसानों की लिस्ट रविवार की बैठक में बनाई गई। किसानों के साथ ही मजदूर संगठन समेत अन्य संगठनों को सम्मानित किया जाएगा। जिन्होंने किसान आंदोलन को सफल बनाया।
किसान आंदोलन खत्म होने के बाद किसान धीरे धीरे अपने घर वापस जाने लगे हैं। जिसके बाद अभी भी पानीपत और डाहर टोल प्लाजा को शुरू करने का कोई निर्देश नहीं आया है। पानीपत के टोल मैनेजर योगेश शुक्ला ने बताया कि आदेश के बाद टोल जल्द ही शुरू हो जाएंगे। वहीं अभी यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सरकार सभी किसानों के घर वापस जाने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद टोल शुरू होंगे।