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किसानों ने घेरा थाना, बैरिकेड हटाने के लिए पुलिस के साथ धक्कामुक्की

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इसराना। इसराना थाना के बाहर पुलिस और किसानों के बिच हुई छड़प। - फोटो : Panipat
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ब्राह्मण माजरा फैक्टरी पर हुए प्रदर्शन में 80 किसानों पर दर्ज एफआईआर रद्द कराने की मांग करते हुए किसानों ने वीरवार को इसराना थाने का घेराव किया। महिलाओं के साथ किसानों ने बैरिकेड हटाकर थाने में घुसने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसानों में धक्कामुक्की हो गई। मामला बढ़ता देखकर पुलिस अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की पेशकश की। 50 मिनट चली बातचीत में पुलिस ने मामले के समाधान के लिए 20 दिन का वक्त मांगा, जिसके बाद घेराव खत्म हुआ।
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सुबह किसानों ने इसराना के छोटू राम किसान भवन में बैठक की। बैठक के दौरान भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने सीआईडी के माध्यम से पुलिस को 20 मिनट का समय दिया, जिससे एफआईआर को रद्द किया जाए। पुलिस से जवाब नहीं मिलने पर करीब 12:50 बजे किसान इसराना थाना की ओर रवाना हुए। थाने से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। किसान हाथों में झंडे लेकर थाने पहुंचे, साथ में महिला किसान भी मौजूद रहीं। किसानों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की हो गई। आखिर किसानों ने बैडिकेड हटा दिया और थाने के अंदर घुसने लगे। इस दौरान थाना के अंदर बैठे ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सिराज खान और डीएसपी संदीप सिंह और डीएसपी ओमप्रकाश ने हालात बिगड़ते देख किसानों से वार्ता की पेशकश की। करीब 50 मिनट तक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के दौरान थाना के बाहर जमे किसान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।
नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी ने किसानों को सुनाया वार्ता का फैसला
50 मिनट तक थाना के अंदर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सिराज खान, डीएसपी ओमप्रकाश और डीएसपी संदीप की साथ किसानों के प्रतिनिधियों की बातचीत हुई। वार्ता में सत्यवान नरवाल, प्रदीप जागलान, वीरेंद्र पहल, बिंदु चौहान व मांगे राम बांध किसानों की तरफ से शामिल हुए। अधिकारियों, पुलिस व किसानों के बीच हुई वार्ता के बाद नायब तहसीलदार सिराज खान व थाना प्रभारी अंकित नांदल ने थाना के बाहर जमा किसानों को बीस दिन में मामले का समाधान किए जाने की बात कही है।
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यह था मामला
गत 13 जून को ब्राह्मण माजरा में एक फैक्टरी के उद्घाटन के लिए विधायक प्रमोद विज व रामकुमार कश्यप को पहुंचना था। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व भाकियू चढ़ूनी के जिला अध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने विरोध करने का एलान करते हुए वीडियो वायरल की थी। अगले दिन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों का विरोध करने किसान पहुंच गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि नहीं आए। पुलिस ने इस प्रकरण में 80 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कुछ दिन पूर्व इसी मामले में सुधीर जाखड़ को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें 24 घंटे बाद ही जमानत मिल गई थी।
ये किसान रहे मौजूद
इस दौरान हरिंदर राणा, सुधीर जाखड़, अजमेर कुहाड़, जगबीर नेता, सुरेंद्र सोनू मालपुरिया, संदीप डोगर, वीरेंद्र पहल, सुरेंद्र नौल्था, सुरेंद्र मलिक, कृष्ण नौल्था, संदीप रोड़ व सुमन जागलान मौजूद रहे।

इसराना। किसानों के आने से पहले थाना के बाहर पुलिस द्वारा लगाए गए डब्ल बैरीकेट।- फोटो : Panipat

इसराना। थाने के पास ट्रेक्टर पर सवार होकर किसान व महिलाएं विरोध जताती हुई।- फोटो : Panipat

इसराना। महिला किसान विरोध जताती हुई।- फोटो : Panipat

इसराना। पुलिसकर्मी व किसान एक-दुसरे के आमने-सामने।- फोटो : Panipat

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