पानीपत। पिछले एक सप्ताह से अनाज मंडी पानीपत में पीआर धान की खरीद बंद है। पहले जो खरीद हुई है, उसके तौल और ढुलाई के लिए आढ़तियों को बारदाना नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों की फसल का न तो तौल हो रहा है और न उनकी फसल की खरीद हो सकी है। मजबूरी में किसानों को अपनी फसलों की रखवाली के लिए दिन-रात अनाज मंडी में ही रहना पड़ रहा है। इससे किसानों समेत आढ़तियों में भी रोष है। उनका कहना है कि फसल खरीद को लेकर सरकारी दावे खोखले निकले हैं। इस पर एफसीआई यानी फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों का दावा था कि उन्होंने बारदाना गोहाना से मंगवाया था, जो नहीं पहुंचा इसलिए अब बारदाने का समायोजन करवाया जा रहा है।
आढ़ती वेद प्रकाश गोयल ने बताया कि पिछले शनिवार से खरीद बंद है। उन्हें बारदाना भी नहीं मिल पा रहा है। जो उनकी और किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे हैं। बार बार अपील करने के बाद भी उनकी कोई मदद नहीं की जा रही है। आढ़ती को बारदाने का इंतजार रहता है ताकि वे फसल का तोल करवाकर माल की ढुलाई करवा सकें। किसान को भी अपनी फसल के तौल का इंतजार रहता है ताकि वह तौल के हिसाब से अपनी फसल का मूल्य ले सके। इस समय मंडी के तकरीबन प्रत्येक आढ़ती को करीब एक हजार कट्टों की आवश्यकता है। इस हिसाब से कम से कम दस हजार कट्टे तो हर हाल में आढ़तियों को चाहिए। अगर विभाग इनका समायोजन करना चाहता है तो उसे कट्टों का हिसाब रखना होगा।
अनाज मंडी में फसल खरीद व बारदाना न मिलने से परेशान किसानों ने दिवाली भी अनाज मंडी में अपनी फसलों की रखवाली करते हुए मनाई। किसान धर्मवीर, संजय, सतबीर और महासिंह ने बताया कि मंडी से फसल चोरी न हो, बारिश में खराब न हो या दिवाली पर कुछ आगजनी जैसी घटना में नुकसान न हो इसलिए यहीं फसल के पास बैठकर रखवाली करनी पड़ती है। जब बारदाना आएगा, तब फसल को उसमें भरकर तौल करवाया जाएगा। इसके बाद किसान अपने घरों को जा सकेंगे, लेकिन बारदाने के इंतजार में पिछले एक सप्ताह से यहीं बैठे हैं।
फसल की खरीद बंद है। बारदाना मंगवाया गया था। अब विभाग के इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी लगाई गई है कि जिस आढ़ती के पास ज्यादा बारदाना है वे उसकी कम बारदाने वाले आढ़तियों के साथ एडजेस्टमेंट करवाएं। जो करवाई जा रही है।
सतीश मिड्डा, मैनेजर, एफसीआई।