बापौली। हरिसिंह नलवा के पार्थिव शरीर को लेकर जाते बेटा विपिन नलवा व विनय नलवा।
- फोटो : Panipat
बापौली। गांव ऊझा में शुक्रवार को पूर्व राज्यसभा सांसद एवं समालखा विधानसभा के पूर्व विधायक हरिसिंह नलवा को नम आंखों से विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान हलके के बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय नेताओं ने शोक जताया।
नलवा शिक्षण संस्थान में उनके पार्थिव शरीर को बेटे विपिन नलवा ने मुखाग्नि दी। वीरवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में 93 वर्षीय हरिसिंह नलवा का निधन हो गया था। पूर्व सांसद हरिसिंह नलवा दो बार विधायक और दो बार राज्यसभा सांसद रहे। अंतिम संस्कार में उपायुक्त सुशील सारवान, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, भाजपा के पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, समालखा से कांग्रेस विधायक धर्मसिंह छौक्कर, जेजेपी युवा नेता देवेंद्र कादियान, पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर, तहसीलदार बापौली विनती, बीडीपीओ बापौली सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता संजय छौक्कर, कृष्ण किवाना, कर्णसिंह पसीना, संजय भाटिया के बेटे चांद भटिया आदि मौजूद रहे।
चार प्रधानमंत्रियों और नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों को हलके में लाए
समालखा हलका प्रदेश का एकमात्र ऐसा हलका है, जहां पर देश के चार पूर्व प्रधानमंत्री सहित अनेक बड़े नेता एवं नेहरू-गांधी खानदान से पांच सदस्य आए हैं। हरिसिंह नलवा अपनी पहचान और काबलियत के बलभूते समालखा में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी और वीपी सिंह सहित पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल को लेकर आए थे। इतना ही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ-साथ संजय गांधी भी उनकी राजनीति के कायल थे। वह बापौली खंड के 27 गांवों में नलवा के साथ घूमे थे।