पानीपत बस डिपो से यूपी व हरिद्वार जाने वाली बसों का शामली डिपो में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। पिछले दो दिन से पानीपत डिपो की एक भी बस को शामली डिपो की पार्किंग में प्रवेश नहीं दिया गया।
कोर्ट का आदेश है कि अगर बस पार्किंग में खड़ी होगी तो उसे इसकी फीस देनी होगी लेकिन पानीपत डिपो के कर्मचारियों ने पैसे देने से इंकार कर दिया है। पानीपत के कर्मचारियों का कहना है कि पानीपत के जीएम के कहने पर वो पार्किंग का किराया देने से इंकार कर रहे हैं। शामली के जीएम ने पानीपत के जीएम और एसडीएम को दो दिन पहले पत्र दिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि पानीपत की कर्मचारी पार्किंग का किराया नहीं दे रहे है। इसलिए शामली रोडवेज अधिकारियों ने पानीपत की बसों का प्रवेश बंद किया है। इससे पानीपत रोडवेज को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि पानीपत रोडवेज बसें यात्रियों को नहीं बैठा पा रही हैं।
पानीपत डिपो से शामली डिपो के लिए रोजाना 28 बसें जाती हैं। यह बसें दो से तीन चक्कर लगाती हैं। दिनभर में 44 बसें एंट्री करती थीं। शामली डिपो के अधिकारियों का कहना है कि पानीपत डिपो के कर्मचारी न तो जीएम की बात सुनते है न ही कर्मचारियों की। जिससे वृहस्पतिवार को पानीपत की बसों को वर्जित कर दिया गया। इसी के साथ वहां के कर्मचारियों से धक्का मुक्की करने पर पानीपत के कर्मचारियों को धक्का मारकर बाहर निकाल दिया गया है।
कोर्ट के आदेशनुसार सभी बसों को यहां पर किराया देेना पड़ता है। पहले पानीपत भी देता आया था। पिछले काफी दिनों से देना बंद कर दिया था। जिससे बसों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। यदि पानीपत डिपो के कर्मचारी पार्किंग शुल्क दें तो स्वागत है।
- आयुष भटनाकर,जीएम शामली डिपो