पानीपत। निजीकरण, ठेका प्रथा को जन विरोधी नीतियों बताते हुए रविवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर जिले के कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के सामने हल्ला बोल प्रदर्शन किया। यूनियन मुख्यालय पर भी प्रदर्शन किया गया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी तक की और मांगे नहीं मानने में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
कर्मचारी नेताओं ने सरकार के सामने कुछ मांगे भी रखी। इस मौके पर जिला प्रधान कश्मीर सिंह, सचिव अमरीश त्यागी और प्रेस प्रवक्ता सुरेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार निजीकरण की नीतियों को प्रदेश में लागू कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छंटनी किए हुए और बर्खास्त कर्मियों को बहाल करने की मांग की। यूनियन के जिला मुख्यालय पर जिला उप प्रधान राजपाल, खजांची सुरेंद्र मलिक, रामपाल कूंडू ने बताया कि आज सरकार इन नीतियों की समीक्षा करने की बजाय निजीकरण को लागू कर रही है। पुरानी नीति के मुताबिक कर्मचारी का रिटायरमेंट के समय जितना मूल वेतन है, उसका 50 प्रतिशत पेंशन होगी। उस पर डीए व मेडिकल सुविधा भी मिलेगी। लेकिन नई पेंशन नीति में कितनी पेंशन होगी, इसकी गारंटी नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन न तो उपहार है और न ही सरकार की मेहरबानी। पेंशन कर्मचारी की पूर्व में की गई सेवा का भुगतान है। वेतन का हिस्सा है। प्रदेश में लागू की गई नई पेंशन स्कीम कर्मचारियों के साथ धोखा है। इसे वापस लेकर पुरानी पेंशन लागू करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री के साथ संघ की बैठक होगी। इन नीतियों को सरकार ने वापस नहीं लिया तो आंदोलन होगा। हल्ला बोल प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान कश्मीर सिंह व संचालन जिला सचिव अमरीश त्यागी ने किया।
इस मौके पर प्रदर्शन को अरविंद यादव, सीटू से सुनीलदत्त, मदनलाल, सुलतान, सतबीर, सीता राम सहरावत, भलेराम आदि मौजूद रहे।