पानीपत। कंप्यूटर सेंटर संचालक विनोद भराड़ा की आंखें परिजनों ने वीरवार को दान कर दीं। दूसरी ओर, घर में घुसकर उनकी हत्या करने वाले देव सुनार को शहर थाना पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। आरोपी से पूछताछ के लिए शहर थाना पुलिस ने न्यायाधीश से पांच दिन का पुलिस रिमांड मांगा, लेकिन न्यायधीश ने तीन दिन का समय दिया।
विनोद भराड़ा एक अच्छे आईटी गुरु के साथ साथ एक अच्छे समाजसेवी भी थे। विनोद के परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले जन सेवा दल की टीम को उनकी आंखें दान कर दीं। वहीं जन सेवा दल के सचिव चमन लाल गुलाटी ने बताया कि उन्होंने आंखों को करनाल में माधव नेत्र बैंक को सौंपा है।
दूसरी ओर शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि आरोपी पंजाब के बठिंडा निवासी देव सुनार के कब्जे से पुलिस ने एक पिस्तौल, एक कारतूस और दो खोल बरामद किए गए हैं। आरोपी ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि वह जब भी विनोद भराड़ा से राजीनामे के लिए घर जाता था, वह उसे कई साल की जेल कराने की धमकी देते थे। इसी वजह उसने यह कदम उठाया। रिमांड के दौरान पुलिस उससे पिस्तौल आदि के संबंध में जानकारी जुटाएगी।
यह था मामला:
पुलिस के मुताबिक, परमहंस कुटिया के सामने घेर अराइयां निवासी विनोद भराड़ा की बुधवार दोपहर 12 बजे आरोपी देव सुनार ने घर में घुसकर दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। कारण महज इतना था कि आरोपी देव सुनार ने दो माह पहले विनोद को कार से टक्कर मारकर घायल कर दिया था। हादसे में उनकी दोनों टांगें टूट गईं थी और वह तब से बिस्तर पर थे। आरोपी देव को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। आरोपी गत दिनों जमानत पर बाहर आया और तब से वह विनोद से राजीनामा करने का दबाव बना रहा था। उनके न मानने पर आरोपी ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।