पानीपत। शहर मालपुर में शनिवार की रात गोली लगने से हुई युवक की मौत के मामले में रविवार को परिवार की तरफ बड़ा खुलासा किया गया। पिता के अनुसार पड़ोसी पिछले कई दिनों से बेटों को जेल में डलवाने की धमकी दे रहे थे। जिस वजह शनिवार रात बेटे ने उन्हीं के दबाव में आकर खुद को गोली मारकर जान दे दी। पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया और पिता के बयान पर सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शहर मालपुर निवासी जगत सिंह ने बताया कि वह पेशे से खेतीबाड़ी करता है। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी है। उसका बड़ा बेटा रोहित (28) शनिवार की शाम करीब साढ़े 6 बजे अपनी ब्रेजा गाड़ी में सवार होकर गया था। वह रात नौ बजे तक घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश शुरू हुई। वे तहरपुर रोड पर पहुंचे तो सुअर फार्म से करीब 200 मीटर दूर पर उन्हें गाड़ी खड़ी दिखी। वह पास गए तो गाड़ी अंदर से लॉक थी। उन्होंने गाड़ी की पिछली खिड़की का शीशा तोड़कर देखा तो रोहित ड्राइवर सीट पर खून से लथपथ हालत में बेसुध पड़ा हुआ था। परिजन आनन-फानन में उसे तुरंत सिवाह स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दो साल पहले हो गई थी महिला की हत्या : जगत सिंह
पिता जगत सिंह ने बताया कि उनका और पड़ोसी देवी सिंह के साथ दो साल से झगड़ा चल रहा है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले उनसे देवी सिंह के परिवार की एक महिला की हत्या हो गई थी। इस मामले में पड़ोसियों ने उसका, उसके तीनों बेटों का और अन्य का नाम लिखवाया था। मामले में पुलिस ने उसे व मंझले बेटे मोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि बड़ा बेटा रोहित और सबसे छोटा बेटा विजेश का जांच में नाम बाहर निकल गया था। अब पड़ोसी देवी सिंह, सतबीर, रिषीपाल, अजय, दीपक, अमित व प्रिंस बेटे रोहित और विजेश को भी जेल भिजवाने क धमकी दे रहे थे।
पानीपत कोर्ट ने फाइल रद्द की तो हाईकोर्ट में लगाई
जगत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने बेटे रोहित और विजेश को हत्या के मामले में फंसाने के लिए उनके खिलाफ पानीपत कोर्ट में एक अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। जिसके बाद आरोपियों की तरफ से याचिका हाई कोर्ट में लगाई गई, जो विचाराधीन है। इसी एवज में आरोपी आते-जाते समय बेटों को धमकी देते थे। जिस वजह बेटे रोहित ने परेशान होकर आत्महत्या की।
भाई की मौत पर जेल से मुखाग्नि देने पहुंचा मोहित
जगत सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में वह नवंबर 2021 में जमानत पर बाहर आया था, जबकि बेटा मोहित जेल में बंद था। अब वह बेटे रोहित और विजेश के साथ खेतीबाड़ी करता था। रविवार को रोहित की मौत की सूचना मिलते ही मोहित जेल से बाहर आया और मुखाग्नि दी। बेटे रोहित ने पार्टनरशिप में सुअर फार्म कर रखा था।
शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, पिता की शिकायत पर सात नामजद आरोपियों के खिलाफ आईपीसी 306 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, मामले की जांच शुरू कर दी है।
- इंस्पेक्टर बलबीर सिंह, बापौली थाना प्रभारी