पानीपत। रोष जताते हुए कॉलोनी निवासी लोग।
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पानीपत। घर टूटने के बाद इंपीरियम फ्लैट में रह रहे परिवारों का शनिवार को सब्र का बांध टूट गया। वे फैक्टरी परिसर में बने टूटे घरों के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। फैक्टरी मालिक के खिलाफ नारेबाजी कर प्रशासन से अपील की कि उन्हें जल्द आशियाने बनाकर दिए जाए ताकि वे यहां वापस आ सकें। चेतावनी भी दी कि यदि उनकी सुनवाई न हुई तो यहीं पर आकर धरना देंगे।
न्यू सैनी पुरा निवासी सुमन ने बताया कि वह वीरवार को फैक्टरी मालिक मॉडल टाउन निवासी राजेश गुप्ता से मिलने गए थे। तब उन्होंने उनसे दो दिन का समय मांगा था और कहा था कि वह प्रशासन से मिलकर उनकी मदद कराएंगे। शनिवार को वे मालिक से मिलने फिर गए तो उन्होंने कहा कि वह उनकी कोई मदद नहीं कर सकते। उनका दिवालिया निकल चुका है।
वहीं पीड़ित परिवारों का आरोप है कि फैक्टरी मालिक का करोड़ रुपये का बीमा भुगतान (क्लेम) हो चुका है। प्रशासन के बाद अब फैक्टरी मालिक के मदद से इनकार के बाद हर परिवार की आंखों में आंसू दिखे। दरअसल, उनकी आखिरी उम्मीद फैक्टरी मालिक था। उन्हें विश्वास था कि वह उनकी मदद करेंगे, लेकिन अब हर तरफ से मदद के रास्ते बंद हो चुके है। एक ओर अपार्टमेंट मालिक उनसे फ्लैट खाली करने को कह रहा है और दूसरी ओर उनके घरों की मरम्मत अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे में वे आगे क्या करेंगे, का सवाल उन्हें परेशान कर रहा है।
यह था मामला
गत दो माह पहले जाटल रोड स्थित एक धागा फैक्टरी में आग लगने से करीब 10 मकानों में दरार आ गई थी। मकान गिरने के डर से सभी मकानों से सामान बाहर निकलवाया गया था। प्रशासन ने उन्हें रहने के लिए इंपीरियम फ्लैट में अस्थायी ठिकाना दे दिया था और आश्वासन दिया था कि जब उनके मकान नहीं बन जाते, तब तक उन्हें वहां से नहीं निकाला जाएगा, लेकिन अब प्रशासन की तरफ से कोई के लिए आगे आ रहा है और न ही फैक्टरी मालिक। ऐसे में इंपीरियम फ्लैट की मैनेजमेंट ने परिवारों को फ्लैट खाली करने तक के फरमान सुना रखा है।
पानीपत। लोगों के टूटे पड़े घर।- फोटो : Panipat