पानीपत। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 26 करोड़ यूनिट बिजली की मांग बढ़ गई है। इस वक्त रोज 75 से 80 लाख यूनिट की बिजली का उत्पादन है जबकि मांग एक करोड़ यूनिट से अधिक है। बिजली निगम उत्पादन को बढ़ा नहीं पा रहा है, जिसकी वजह कोयले की कमी बताई जा रही है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।
बिजली निगम को प्रतिमाह 22 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही जबकि एक करोड़ प्रति दिन के अनुसार महीने में 30 करोड़ यूनिट की आवश्यकता है। बिजली निगम अपना इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार मजबूत करने में लगा है लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने का फायदा भी नहीं है जब उत्पाद ही न हो। जिले में 18 फीडर नए लगाए जा रहे हैं, लेकिन समस्या ये है कि जब बिजली की नहीं मिलेगी तो आपूर्ति के लिए तैयार किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर किसी काम का नहीं रह जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र को रोज 45 लाख यूनिट चाहिए, मिल रही 30 से 32 लाख यूनिट
औद्योगिक नगरी होने के कारण पानीपत सर्कल को मिल रही बिजली का आधा हिस्सा फैक्टरियों में जाता है। उद्यमियों की मानें तो उनकी प्रतिदिन की मांग 50 लाख यूनिट से अधिक है। बिजली निगम के मुताबिक 45 लाख यूनिट चाहिए, लेकिन प्रतिदिन 30 से 32 लाख यूनिट ही जा पा रही है। अप्रैल में 9.90 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई की गई है। यहां तक कि कटौती की वजह से इस महीने करीब तीन दिन फैक्टरियों का उत्पादन भी ठप रहा है।