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Panipat: बहन की मौत का मातम मनाने जा रहे थे, हादसे में गई एक ही परिवार के चार लोगों की जान

Fri, 04 Feb 2022 02:12 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)

सार

यूपी के बुलंदशहर निवासी दयानंद ने बताया कि वह हाल में सिलापुर, नोएडा में रह रहा है। उन्होंने बताया कि बेटी बिमला की कैथल में शादी हुई थी। गुरुवार रात करीब 11 बजे उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली।
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Panipat Haryana: पानीपत में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पानीपत में जीटी रोड स्थित पुलिस लाइन के पास शुक्रवार सुबह पांच बजे सड़क हादसे में एक मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई है। ट्रक चालक ने ओवरटेक करते हुए इको वाहन को टक्कर मार दी। हादसे में उस पर सवार दो सगे भाई, उनके छह वर्षीय भतीजे और चाचा की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य घायल हो गए। सेक्टर-29 थाना पुलिस ने मामले के केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी चालक ट्रक समेत फरार हो गया। 

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उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर स्थित गांव सिलारपुर निवासी दयानंद ने बताया कि पंजाब निवासी उनकी बेटी बिमला का बीमारी से निधन हो गया था। वीरवार रात दो बजे इको कार किराये पर लेकर पंजाब के गांव खनौरी पातरा के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ बेटा रमेश (28), नवाब ( 32), राकेश (35), पुत्रवधू ममता, नीलम, पोता प्रियांशु (6) और पोती नीतू भी थे।

शुक्रवार की सुबह पांच बजे जीटी रोड पानीपत में पुलिस लाइन के पास ओवरटेक करने के दैरान पीछे से ट्रक चालक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि करीब 40 मीटर तक ट्रक इको कार को घसीटता ले गया। हादसे में बेटे रमेश और नवाब, भाई राकेश और पोते प्रियांशु की मौत हो गई। वह, पुत्रवधू ममता, नीलम, गंभीर रूप से घायल हो गए। इको चालक और एक वर्षीय पोती नीतू बाल-बाल बच गए।

परिजनों की शिकायत पर आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। - इंस्पेक्टर अंकित कुमार, थाना प्रभारी सेक्टर-29

इलाज के लिए भटकता रहा दयानंद, आठ घंटे बाद मिला उपचार 

नोएडा से पंजाब जा रहे परिवार का मुखिया घायल दयानंद इलाज के भटकता रहा। हादसे से उनके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया था लेकिन इसके बावजूद उन्हें दर्द निवारक तक नहीं दी गई। जीटी रोड पर पुलिस लाइन के पास शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे उनकी इको को ओवरटेक करने के दौरान ट्रक चालक ने टक्कर मारी दी, तब से आठ घंटे बाद दोपहर एक बजे उन्हें दर्द से राहत के लिए इंजेक्शन लगाया गया। इस दौरान वह दर्द से तड़पते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। 

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दयानंद ने बताया कि पंजाब निवासी उनकी बेटी का बीमारी के बाद निधन हो गया था। उसके अंतिम संस्कार के लिए नोएडा से वीरवार की रात दो बजे चले थे। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे पानीपत पहुंचने पर यह हादसा हो गया है। ट्रक ने  उनकी इको कार को टक्कर मार दी। गाड़ी में उनके अलावा बेटा नवाब (32), रमेश (28), भाई राकेश (35), पुत्रवधू ममता, नीलम, पोता प्रियांशु (6) और पोती नीतू भी थे। इस हादसे में दोनों बेटों, भाई और पोते की मौत हो गई। पुत्रवधू ममता और नीलम को भी चोट लगी जबकि इको चालक और एक वर्षीय पोती नीतू बाल-बाल बचे। दयानंद कहा कि क्या पता था कि बेटी के साथ ही दो बेटों, भाई और पोते की मौत भी देखनी पड़ेगी। एक झटके में परिवार बिखर गया। उनका आरोप है कि ट्रक चालक नशे में था।

इको में जगह नहीं थी तो बस से आ रहे थे दो भाई

इको में जगह नहीं होने की वजह से दो भाई बस से आ रहे थे। अगर वे भी इको में होते तो उनकी जान पर भी बन आती। भाई फौजी ने बताया कि वह छोटे भाई राहुल के साथ बस से पंजाब जा रहा था। सोनीपत से निकलते ही भाई नवाब को कॉल किया तो डॉक्टर ने पिक किया।  उसने कहा कि पानीपत आ जाओ, तुम्हारे भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस पर वह पानीपत पहुंचे। फौजी ने बताया कि वह चार भाई हैं, जिनमें सबसे बड़ा नवाब, फिर वह, तीसरे नंबर का रमेश और सबसे छोटा राहुल है।

निजी अस्पताल में रुपये कम पड़ने पर रेफर, पीजीआई जाते वक्त रास्ते में मौत 

हादसे में राकेश, रमेश और प्रियांशु की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि नवाब गंभीर रूप से घायल था। उसे एंबुलेंस से पहले निजी अस्पताल लेकर गई, जहां इलाज के लिए रुपये कम पड़ने गए। उसे सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत गंभीर देखते हुए सिविल अस्पताल से उसे पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। नवाब ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।  सेक्टर-29 थाना पुलिस ने राकेश, रमेश और प्रियांशु का पानीपत और नवाब के शव का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया।

आठ बहन-भाइयों में सबसे बड़ा था राकेश

नोएडा के गाव सिलारपुरनिवासी राकेश (35) आठ बहन-भाइयों में सबसे बड़ा था। वह राज मिस्त्री का काम करता था। राकेश की तीन बेटी और एक बेटा है। नवाब (32) पल्लेदारी करता था। उसके दो बेटे और दो बेटी है। रमेश (28) मेहनत मजदूरी करता था। उसकी दो बेटियां हैं। वहीं तीन बहनों का इकलौता भाई छह वर्षीय प्रियांशु था। प्रियांयु के पिता फौजी ने बताया कि उसके तीन बेटी और एक बेटा था, जिससे हादसे ने छीन लिया। 

नीलम की शिकायत पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है,  पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए है, आरोपी ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। -इंस्पेक्टर अंकित कुुमार, सेक्टर 29 थाना प्रभारी

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