पानीपत के संजय चौक से 14 अगस्त को कार में दिनदहाड़े अपहरण किए फल विक्रेता का शव 15 अगस्त की रात नहर किनारे सड़क पर मिला। मृतक की एक आंख बाहर निकली हुई थी। उसके बाएं हाथ पर चोट थीं और हाथ टूटा हुआ था। मृतक के बेटे ने अपहरण कर ले जाने वाले परिचित दो युवकों पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने अपहरण की धारा के साथ अब हत्या की भी जोड़ ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ये था पूरा मामला
किला मोहल्ला निवासी सतीश ने बताया कि वह संजय चौक पर ठेके के पास फलों की रेहड़ी लगाता है। उसकी रेहड़ी पर उसके पिता राजू (45) भी रहते थे। 14 अगस्त की दोपहर करीब 2:30 बजे उसके पिता को संजय चौक पुल के नीचे पार्किंग में मंजीत नामक व्यक्ति ने बुलाया। जब पिता उससे मिलने गए तो वह और उसका दोस्त दोनों उन्हें गाड़ी बैठाकर ले गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे।
काफी देर इंतजार करने और फोन मिलाने के बाद उनसे संपर्क नहीं हुआ तो अनहोनी की आशंका से मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। शिकायत लेकर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया। वह पिता की तलाश कर रहे थे, 15 अगस्त की देर रात पिता का शव रोहतक बाइपास के पास नहर किनारे सड़क पर मिला। उनकी एक आंख बाहर निकली हुई थी,शरीर पर चोट के निशान थे, एक हाथ भी टूटा हुआ था। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया और आगामी कार्रवाई शुरू की।
आरोपी बोले: हम शराब पार्टी के बाद घर लौट आए थे
बेटे सतीश ने बताया कि कार में पिता को ले जाने वाले आरोपी मंजीत से जब उन्होंने पिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह अपने दोस्त सिल्लू और लीलू के साथ उसके पिता को कार में बैठाकर सिवाह बाइपास ले गया था। जहां पर उन्होंने शराब पार्टी की। इसके बाद वह नशा अधिक होने के बाद उसके पिता को वहीं पर छोड़कर चले आए थे।
एक और बनाई कहानी
आरोपियों ने दूसरी कहानी यह बनाई कि शराब पीने के बाद उसका पिता राहगीरों से झगड़ा कर रहा था, लेकिन राहगीरों ने उसे पीट दिया। बचाने की कोशिश करने पर राहगीरों ने उन्हें भी घेर लिया था, इसलिए वे वहां से भाग आए। अलग अलग बयान बदलने पर उन्हें शक हुआ। उन्हें उन्हीं दोस्तों पर हत्या की आशंका है।