फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: उपभोक्ता आयोग ने गबन के मामले में खारिज कीं याचिकाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। सुताना गांव स्थित डाकघर में सुकन्या समृद्धि और बचत खातों में लाखों रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने तीनों याचिकाएं खारिज कर दीं। खाताधारकों की पासबुक में दर्ज राशि और डाक विभाग के ऑनलाइन रिकॉर्ड में बड़ा अंतर मिला था।
विज्ञापन

पीड़ित परिवारों ने आयोग में याचिकाएं दायर कर राहत मांगी थी। आयोग ने कहा कि मामले में आपराधिक आरोपों की जांच, साक्ष्यों और गवाहों से जिरह की जरूरत है। ऐसे में पीड़ित उचित फोरम पर जा सकते हैं।
डाक विभाग ने आयोग को बताया कि सुताना शाखा में तैनात रहे तत्कालीन ग्रामीण डाक सेवक के कार्यकाल में कई खातों में सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया था। विभाग के अनुसार, 7 अक्तूबर 2024 तक 37.62 लाख रुपये से अधिक के गबन की जानकारी मिली थी। मामले में विभागीय जांच जारी है। विभाग का दावा है कि संबंधित डाक सेवक ने अपने सुसाइड नोट में गबन स्वीकार किया था।
विज्ञापन

आपराधिक मामले में विस्तृत जांच की जरूरत : जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में आपराधिक आरोपों की जांच, विस्तृत साक्ष्यों और गवाहों से जिरह की आवश्यकता होती है। इसलिए इन मामलों में उपभोक्ता आयोग के माध्यम से राहत देना उचित नहीं है। इसी आधार पर तीनों याचिकाएं खारिज कर दी गईं और पीड़ितों को उचित फोरम पर जाने की सलाह दी गई।
दूसरी ओर डाक विभाग के निरीक्षक कुलदीप ने बताया कि मामले की विभागीय जांच चल रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुकन्या और बचत खातों में मिली रकम की गड़बड़ी
सुताना निवासी राकेश ने बताया कि उन्होंने अपनी दो बेटियों के सुकन्या समृद्धि खातों में नियमित पैसे जमा कराए थे। थर्मल शाखा में जांच के दौरान एक खाते में 40,296 और दूसरे में 2,389 रुपये मिले, जबकि दोनों में कुल 1.58 लाख रुपये होने चाहिए थे।
इसी गांव की रामरती ने आरोप लगाया कि उनके बचत खाते में पासबुक के अनुसार 1.83 लाख रुपये थे, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में केवल 15,773 रुपये दर्ज मिले।
उन्होंने 1.71 लाख रुपये का अंतर बताया।तीसरी याचिकाकर्ता निर्मला की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। उनके पति धर्मपाल के अनुसार, खाते में 2.17 लाख रुपये होने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड में केवल 32,605 रुपये मिले। उन्होंने पासबुक में फर्जी प्रविष्टियां कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें