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वार्ड नंबर- 18 ग्राउंड में बने गंदगी के हालात, ग्रांउड रिपोर्ट

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चौक चौराहों पर सफाई न होने की वजह से फैली गंदगी। - फोटो : Panipat
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करोड़ों रुपये का बजट सफाई पर खर्च करने के बाद भी वार्ड नंबर-18 में गंदगी के हालात बने हुए हैं। यहां सफाई करने वाले कर्मचारी नहीं आते। सफाई न होने से लोगों को कूड़े के ढेरों के बीच से ही गुजरना पड़ता है। इससे वार्ड के लोगों के साथ खुद पार्षद भी परेशान हैं। कई बार निगम अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद भी नतीजा सिफर है। इससे लोगों में रोष है। नाराज लोगों का कहना है कि जब निगम हर महीने शहर की सफाई व्यवस्था पर करोड़ों का बजट खर्च कर रहा है तो उसके हिसाब से काम भी करना चाहिए।
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लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी वार्ड में सफाई की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाए हैं। अगर किसी के घर में कोई कार्यक्रम हो तो लोग गंदगी के वजह से आने से भी कतराने लगे हैं। अब वे इसकी शिकायत सीधे गृह मंत्री अनिल विज को करेंगे। इस बारे में वार्ड पार्षद बलराम मकौल ने कहा कि वे सफाई कर्मचारियों की वार्ड में ड्यूटी लगवाने को कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन वे इस बात पर गौर ही नहीं फरमाते।
ये बोले वार्ड निवासी
बदतर हो गए हैं हालात
वार्ड में सफाई नाम की कोई चीज ही नहीं है। हालात बदतर हो गए हैं। हर गली के कौने में गंदगी व कूड़े के ढ़ेर लगे हुए हैं। सफाई कर्मचारी तो कभी आते ही नहीं। -देेवी सिंह
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बीमारियों का बना डर
सफाई की ज्यादा जरूरत है। अगर वार्ड में गंदगी का माहौल रहेगा तो लोगों में बीमारियों के फैलने का डर भी बना रहेगा। गंदगी से संक्रमण फैलने का डर भी बना रहता है। -अनिल सैनी
सफाई न होने से लगते हैं ढेर
झाड़ू वाले सफाई कर्मचारी या तो निगम भेजता ही नहीं है। भेजता भी होगा तो वे कभी सफाई करने नहीं आते। सफाई न होने से वार्ड में कूड़े के ढेर लग जाते हैं। -लक्ष्मी नारायण
याद नहीं कब हुई थी सफाई
लोगों को ये भी याद नहीं है कि उनकी गली, कॉलोनी या वार्ड में अंतिम बार सफाई कब हुई थी। यहां सफाई की ज्यादा जरूरत है लेकिन सफाई ही नहीं होती। -साहिल मित्तल
कहां जाता है निगम का बजट
निगम का जो बजट शहर की सफाई के लिए खर्च होता है उसमें वार्ड की सफाई तो होती नहीं। ऐसे में पता नहीं निगम वाले इस बजट की धनराशि को कहां खर्च कर रहे हैं। -ईश्वर सिंह
कोरोना में बना डर
एक तो लोगों में कोरोना को लेकर डर बना हुआ है। दूसरा सफाई व्यवस्था न होने से भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इस ओर निगम को ध्यान देना चाहिए। -महेंद्र कुमार
शिकायत की पर सुनवाई नहीं
सफाई न होने की निगम अधिकारियों को कई शिकायतें की गईं, लेकिन कर्मचारियों ने एक न सुनी। वे मनमर्जी करते हैं इसलिए अब शिकायत करने का फायदा नहीं है। -बलकेश शर्मा
हाउस में उठाएंगे मुद्दा
वार्ड में सफाई व्यवस्था की परेशानी है। खास तौर पर झाड़ू लगाने वाले कर्मचारी सफाई करने आते ही नहीं है। कई बार निगम अधिकारियों को भी इससे अवगत करवाया गया, लेकिन उन्होंने सुनवाई नहीं की। अब निगम आयुक्त, विधायक व मेयर के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। इसके बाद हाउस की मीटिंग में इन सवालों को उठाया जाएगा कि उनके वार्ड में निगम अधिकारी सफाई कर्मचारियों को क्यों नहीं भेजते।
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बलराम मकौल, पार्षद, वार्ड नंबर 18

वार्ड 18 में गंदगी के हालात।- फोटो : Panipat

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