थर्मल में क्षेत्र के गांव शोदापुर मे हाईकोर्ट के आदेशानुसार सौ-सौ गज के मुफ्त में दिए प्लॉटाें की जांच करने वाली टीम के गांव में पहुंचने पर हंगामा हो गया। ऐसे में मौके पर पुलिस बल को बुलाना पड़ा।
आरटीआई कार्यकर्ता रिंकू ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी कि पूर्व सरपंच ने अपने चहेतों और पैसे लेकर प्लॉट कराए हैं। इसमें साठ लोगों के नाम दिए थे जिनके पास लाखों की जमीन जायदाद और सरकारी नौकरी है। उसके बाद भी इन्हें सौ-सौ गज के प्लाटाें की योजना का लाभ दिया है। शिकायत के करीब एक साल बाद इसकी जांच शुरू हो पाई।
जांच में पूर्व सरपंच के परिवार के दस प्लाट और पूर्व पंच के पास सात प्लाट पाए गए। ग्रामीणाें ने हंगामा किया कि जो करोड़ाें के मालिक हैं, उन्हें प्लाट दे दिए, जिन्हें मिलने चाहिए थे, उन्हें नहीं मिले।
जांच टीम ने की वीडियोग्राफी
आरटीआई में खुलासा हुआ कि उन लोगों को प्लाट दिए गए जिन्होंने पंचायती व सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ था। जांच टीम ने मौके पर जाकर उनकी वीडियोग्राफी भी की। जांच टीम और शिकायतकर्ता के सामने समस्या तब हुई जब सूचना के बाद भी कानूनगो और पटवारी सामने नहीं आए।
उधर, शिकायतकर्ता रिंकू ने बताया कि उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसमें सरकारी आदमी भी शामिल हैं। उन्हाेंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।