पानीपत। हरियाणा रोडवेज के ट्रेनिंग स्कूल में आए बगैर ही हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रमाणपत्र जारी कराने के प्रकरण की जांच पूरी हो गई है। इसके बाद 93 प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र जारी करने के साथ ही 36 के प्रमाणपत्र रोक लिए गए गए हैं। ये सभी ट्रेनिंग में आए ही नहीं थे।
गत वर्ष एक दिसंबर से लेकर इस वर्ष चार जनवरी तक बैच नंबर-1290 के प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग लेनी थीं। प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही उन्हें हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी होता, लेकिन 36 प्रशिक्षु ट्रेनिंग में आए ही नहीं और अपने प्रमाणपत्र जारी करा रहे थे। बैंच में कुल 129 प्रशिक्षु थे। 36 प्रशिक्षुओं की धांधली की वजह से बाकी के प्रमाणपत्र भी अटके थे। अब प्रमाणपत्र जारी होने से ये 93 प्रशिक्षु हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे। नियमानुसार अगर कोई प्रशिक्षु एक दिन भी ट्रेनिंग से गैरहाजिर रहता है तो उस पर कम से कम 12 सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। अब इन सभी 36 प्रशिक्षुओं पर जुर्माना लगाया जाएगा।
दोषी रोडवेज कर्मियों की जांच जारी
अभी तक की जांच में प्रशिक्षुओं से मिलीभगत में किसी डिपो कर्मकर्मी का नाम नहीं आया है। हालांकि यह दावा किया जा रहा है दोषी कर्मियों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
जांच खत्म होते ही जारी किए प्रमाणपत्र
बिना ट्रेनिंग के ही प्रमाणपत्र लेने की शिकायत के बाद सभी के प्रमाणपत्र रोक दिए गए थे। जांच खत्म होते ही सबसे पहले 93 विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र कर उन्हें राहत दी गई। - कुलदीप जांगड़ा, जीएम रोडवेज पानीपत।