स्कूली विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा संवारने का एक खास मौका मिलने जा रहा है। सीबीएसई की ओर से यूनिसेफ, युवा और उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से कौशल विकास पर योजना शुरू की है। इस योजना में विद्यार्थियों को जीवन में कामयाब होने वाले कौशल को निखारा जाएगा। जिसमें उन्हें बेहतर संचार कौशल, समस्याओं को सुलझाने जागरूकता बढ़ाने और पेशेवर व पर्सनल लाइफ में कामयाबी दिलाने जैसी स्किल्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
इसके लिए ऑनलाइन वेबीनार आयोजित किए जाएंगे जो 6 जनवरी से शुरू होंगे। जिले के विभिन्न स्कूलों में इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दयाल सिंह पब्लिक स्कूल की प्राचार्या विनीता तोमर ने बताया कि पढ़ाई के साथ साथ विद्यार्थियों को रोजगार परक शिक्षा देना भी बेहद जरूरी है। इसके अलावा जीवन में कई बार विद्यार्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिन्हें देखकर वे विचलित हो जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थी भैयं को कैसे बनाए रखें और समस्याओं का निदान किस प्रकार से करें, इसके बारे में भी उन्हें जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।
इस अभियान के अंतर्गत जनवरी में कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 100 विद्यार्थियों को क्लास में लाइफ स्किल्स ट्रेनिंग इनिशिएटिव के लिए चयनित किया जाएगा। ये अभियान 4 सप्ताह तक जारी रहेगा। स्टूडेंट्स को यूनिसेफ और सीबीएसई की ओर से सर्टिफिकेट देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन के लिए संबंधित लिंक पर विजिट कर सकते है। इस ऑनलाइन ओरिएंटेशन में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को कोई फीस नहीं देना होगी। प्रतिभागियों को इसके लिए आयोजन से एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन के लिए ई-मेल आईडी के जरिए लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
विद्यार्थियों का कौशल विकास निखारने के लिए जनवरी में 4 ऑनलाइन वेबीनार होंगे जो 6 जनवरी से शुरू होंगे। वेबीनार 6, 12, 18 और 24 जनवरी को आयोजित किए जाएंगे। पहला और तीसरा वेबीनार वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए तथा दूसरा व चौथा सेमीनार 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होगा। वेबीनार दोपहर बाद 2 बजे से 3.30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
स्कूली विद्यार्थियों की प्रतिभा संवारने के लिए सीबीएसई की ओर से यूनिसेफ, युवा और उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से कौशल विकास पर योजना शुरू की है। फाउंडेशन के सहयोग से चलाए जा रहे अभियान से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर सके, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है। इसका विद्यार्थियों को उनके रोजगार में उनका सहयोग मिलेगा।
- विनीता तोमर, जिला कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई, पानीपत।