पानीपत। बिजली निगम के लगने वाले खुले दरबार में अब दो साल से पुराने केस की सुनवाई नहीं होगी। चार मई को सेक्टर छह लघु सचिवालय के पीछे 33 केवी बिजली दफ्तर में खुला दरबार लगेगा। इसमें पहले ही सूचना दे दी गई है कि दो साल से पुराने केस, कोर्ट में चल रहे बिजली केस व बिजली चोरी के केस की कोई सुनवाई नहीं की जाएगी। दो साल से पुराने बिजली बिल के केस से जिले के उपभोक्ता परेशान हैं। कुछ महिलाओं का कहना है कि वह पिछले पांच से छह साल से चक्कर लगा रही हैं और अब निगम सुनवाई से ही मना कर रहा है।
बिजली निगम के लगने वाले सीजीआरएफ खुले दरबार में हर बार 40 प्रतिशत से ज्यादा केस दोसाल से पुराने होते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले तो उन्हें हर बार अगले खुले दरबार की तारीख देकर धक्के खिलाते रहे। अब सुनवाई से ही मना कर रहे हैं। सिवाह गांव की सुनीता पिछले चार साल से चक्कर काट रही है। उसका कहना है कि उसके पति भी अब नहीं रहे। वह हर खुले दरबार में गुहार लगाती है कि उसका डेढ़ लाख का बिल कम कर दें। जिससे पिछले तीन साल से वह बिल भी नहीं भर रही है जो अब चार लाख के करीब हो गया है। उसका कहना है कि अब वह कहां गुहार लगाएगी। ऐसा केस केवल सुनीता ही बल्कि सैकड़ों उपभोक्ताओं का है। यहीं नहीं कुछ उपभोक्ताओं के बिल तो करोड़ों में है।