पानीपत में 50 हजार रुपये में प्रेमिका के पति की सुपारी देकर हत्या करवाने वाले आरोपी व उसके तीन साथियों को अदालत ने बुधवार को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर अदालत ने एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी तय किया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को नौ- नौ माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दोषियों ने पानीपत के सेक्टर 29 में 300 किलोमीटर दूर अलीगढ़ से आकर मार्च 2020 में युवक की चाकूओं से गोदकर हत्या की थी। जब पकड़े गए तो इन्होंने गवाहों को भी जान से मारने की धमकी दी थी। चार साल तक चली मामले की सुनवाई और 31 गवाहों की गवाही पर अतिरिक्त सेशन जज अर्चना यादव ने बुधवार को दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने बताया कि 21 मार्च 2020 को सेक्टर 29 में फैक्ट्री के सामने एक युवक की हत्या की गई थी। इस युवक की पहचान दुर्वेश निवासी गांव समैना, जिला अलीगढ़ , उत्तर प्रदेश के रूप में हुई थी। जोकि नांगलखेड़ी में किराए पर रहता था। दुर्वेश के भाई अनिल ने सेक्टर 29 पुलिस थाना में हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। इस केस को सीआईए टू को ट्रांसफर किया गया था।
सीआईए टू ने मामले की जांच करते हुए 29 मई 2020 को दुष्यंत उर्फ छोटू निवासी गावं हबीबगंज, जिला अलीगढ़ को उसके घर से गिरफ्तार किया था। उसको पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था। पुलिस पूछताछ में उसने दुर्वेश की हत्या कराने के बारे में स्वीकार किया था। पुलिस पूछताछ में दुष्यंत ने बताया कि उसका दुर्वेश की पत्नी पिंकी के साथ कई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह शादी के पहले से ही पिंकी के संपर्क में है।
उसने पिंकी से शादी करने के लिए दुर्वेश की हत्या करने की साजिश रची थी। उसने विशाल, धनवीर निवासी गावं हबीबगंज, जिला अलीगढ़, प्रवीण निवासी गांव जटपुरा, जिला अलीगढ़ को दुर्वेश की 50 हजार रुपये में सुपारी दी थी। यह तीनों 21 मार्च 2020 को पानीपत पहुंचे। इन्होंने दुर्वेश के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली थी। जैसे से दुर्वेश फैक्ट्री सामने पहुंचा। इन्होंने चाकू से उसकी गर्दन पर एक के बाद कई वार किए और उसकी हत्या कर दी थी।
पुलिस सभी हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था। इनसे चाकू बरामद किया गया। चाकू पर लगे खून का दुर्वेश के खून से मिलान हुआ। दुष्यंत के वॉयस सैंपल का भी मिलान हो गया। पुलिस ने इस मामले में 31 गवाह तैयार किए थे। गिरफ्तार होने के बाद दोषियों ने गवाहों को भी गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी थी लेकिन गवाह नहीं पलटे। इन चारों को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।