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Panipat: कोहरे के कारण हुआ हादसा; नहर में गिरी कार, दाे प्रबंधक भाईयों ने शीशा तोड़कर बचाई जान

Tue, 16 Jan 2024 12:50 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा)

सार

पानीपत के गांव सिवाह के पास कार नहर में गिरने से हादसा हो गया। हादसा कोहरे के कारण जीरो दृश्यता की वजह से हुआ। कार सवार दाे प्रबंधक भाई शीशा तोड़कर और तैरकर नहर से बाहर निकले। दो साल पहले भी यहां तीन कार नहर में गिर चुकी हैं।
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मौके पर मौजूद क्रेन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पानीपत के गांव सिवाह के पास नहर में कार गिर गई। कार में सवार दो निजी कंपनियों के प्रबंधक भाइयों ने कार का पीछे का शीशा तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई। छोटे भाई को तैरना नहीं आता था। बड़े ने उसको कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला। ये हादसा जीरो दृश्यता, नहर किनारे रिफलेक्टर, रेलिंग और कोई सूचकांक न होने के कारण हुआ है। धुंध में कार सवारों को नहर दिखाई नहीं दी। जैसे ही कार चालक ने ब्रेक लगाए कार फिसलते हुए नहर में जा गिरी। इन्होंने बाहर निकलकर डायल 112 पर कॉल कर हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार सवारों के बयान दर्ज किए और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकाला।

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मॉडल टाउन निवासी अभिषेक शर्मा ने बताया कि वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वो पुलिस लाइन के पास देवगिरी कंपनी में बतौर क्वालिटी मैनेजर कार्यरत है। उसका छोटा भाई हैंड फेब कंपनी में प्रबंधक है। वो दोनों भाई साथ ही रहते हैं और एक साथ कार में ड्यूटी पर जाते हैं। वो मंगलवार सुबह रिफाइनरी बाइपास से होते हुए रोहतक बाईपास से अपनी अपनी कंपनी में जा रहे थे।

सिवाह गांव के पास जब उन्होंने रोहतक बाईपास पर चढ़ने के लिए कार मोड़ी तो उन्हें धुंध में कुछ दिखाई नहीं दिया। यहां पर न तो किसी प्रकार के रिफलेक्टर थे और न रेलिंग व सूचकांक। कार नहर की पटरी पर चढ़ गई। जब ही उसने ब्रेक लगाए कार फिसलकर नहर में गिर गई। उसने सीट बेल्ट खोलकर अपनी बेल्ट के हुक से कार का पीछे वाला शीशा तोड़ा और दोनों भाई कार से बाहर आए। उसने तैर कर अपने छोटे भाई को भी बाहर निकाला। कार नहर में बह गई। उन्होंने बाहर आकर पुलिस व परिजनों को इसकी सूचना दी। 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने यहां पहुंचकर उनके गीले कपड़े बदलवाए।
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तीन गाड़ियां यहां गिर चुकी हैं
सिवाह गांव के पास नहर किनारे रेलिंग व सूचकांक नहीं है। धुंध में यहां अकसर हादसे होते हैं। धुंध में नहर दिखाई नहीं देती। जैसे ही वाहन चालक रिफाइनरी बाइपास से रोहतक बाइपास पर चढ़ने के लिए वाहन मोड़ते हैं तो उनके नहर में गिरने का भय बढ़ जाता है। यहां किसान आंदोलन में कैथल किसानों की कार भी गिर गई थी। इसमें दो युवकों की मौत हो गई थी। 2022 में एक और कार चालक की ऐसे ही मौत हो गई थी लेकिन हादसे होने के बाद भी प्रशासन ने यहां पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।

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