पानीपत। अस्पतालों को डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया की जांच दरों को अस्पताल में प्रदर्शित करना होगा। दरों की जानकारी देता बोर्ड ऐसी जगह लगाना होगा, जहां से सभी को आसानी से दिखे। किसी भी अस्पताल ने अगर जांचों की निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूली तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को लघु सचिवालय मे जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की समीक्षा की अध्यक्षता करते उपायुक्त सुशील सारवान ने ये आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से निजी अस्पतालों में इन बीमारियों की जांच के लिए जो भी फीस निर्धारित की गई है, कोई भी इससे अधिक फीस वसूल नहीं कर सकता। निजी अस्पताल निर्धारित फीस से संबंधित सूचना पट्ट भी लगाएं ताकि आमजन को इसके बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यालय अपने यहां इन बीमारियों की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त करें, जो अपने संबंधित विभाग में साफ-सफाई इत्यादि को सुनिश्चित करवाएं।
नारियल के खोल उठवाए निगम
उपायुक्त ने कहा कि जगह-जगह सड़कों के नारियल के खोल पड़े हैं। पानी पीने के बाद खोल फेंक दिए गए और इनमें बारिश का पानी भरने से लारवा पैदा हो सकता है। इसे उठाया जाए, जिससे पानी जमा नहीं हो सके।
कार्यालय और घरों में की जाए जांच
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे अपने कार्यालयों को डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया मुक्त बनाने में सशक्त भूमिका निभाएं। पीने के पानी और पानी की टंकी को ढककर रखें। अपने घरों पर भी गमले, पानी के फव्वारे और छत पर रखे टूटे-फूटे सामान में ठहरे पानी को हटाएं। लोगों को भी जागरूक करें।
बनाई टीम, पानी में डालेंगे मिट्टी या काला तेल
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने बताया कि विभाग की टीमें लारवा से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर रहीं हैं। कहा कि कहीं भी जमा हुए पानी में मिट्टी का तेल या काला तेल डाल दें, जिससे लारवा मर जाएगा। तालाबों में भी गंबुजियां मछली मत्स्य पालन विभाग द्वारा डलवाई जाएंगी। ।