पानीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से इस बार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा ओएमआर सीट पर नहीं ली जाएगी। वहीं, किसी भी विद्यालय से 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ की ड्यूटी परीक्षा के लिए नहीं लगाई जाएगी। इसके अलावा दूसरे भाग का प्रश्नपत्र परीक्षा खत्म होने से एक घंटे की बजाए अब डेढ़ घंटे पहले मिलेगा। हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने हसला की मांगों पर सहमति जताई है।
हसला के पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना से प्रभावित पिछले सत्र में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओ के प्रश्नपत्र को दो भागों में बांटकर वार्षिक परीक्षाएं लेने का फैसला लिया था। इसके तहत ढाई घंटे की परीक्षा में एक भाग 40 अंकों का विवरणात्मक और दूसरा भाग 40 अंकों का बहु-विकल्पीय प्रश्नपत्र होगा जो ओएमआर शीट पर लेना प्रस्तावित था। दूसरा बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र परीक्षा खत्म होने से एक घंटे पहले परीक्षार्थियों को हल करने के लिए दिया जाना था। इस पर संज्ञान लेते हुए हसला राज्यप्रधान सतपाल सिंधु के नेतृत्व में हसला प्रतिनिधिमंडल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह से मिला और परीक्षाओं में इस पैटर्न से परीक्षार्थियों के सामने आने वाली समस्याओं को रखा।
इसके साथ प्रतिनिधिमंडल ने प्राध्यापक हित के कई मुद्दे भी रखे। इस पर चेयरमैन ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए संगठन की मांग पर इस शैक्षणिक सत्र में मार्च 2022 से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्नपत्र के द्वितीय भाग को डेढ़ घंटा पहले परीक्षार्थियों को देने के साथ ही ओएमआर शीट को हटाकर प्रश्न-पत्र के दोनों भाग एक ही उत्तर पुस्तिका पर हल करने पर सहमति जताई। इसके साथ संगठन की कई और मांगें मानते हुए परीक्षा के दौरान लगने वाली ड्यूटियों के लिए मानदेय में 50 रूपये की बढ़ोतरी पर सहमति दी।
इसके साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षा ड्यूटी भी वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए लगाई जाएंगी। विभाग में कार्यरत जिस भी प्राध्यापक के पास डीडी पावर है, उसको परीक्षा ड्यूटी से छूट दी जाएगी। हसला प्रतिनिधिमंडल में जिला पानीपत से राज्य सचिव अनिल पंवार, जिला हसला संरक्षक रामफल मान, जिला प्रधान अजेंद्र कुंडु उपस्थित रहे।
बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में 50 प्रतिशत स्टाफ होगा नियुक्त
बोर्ड चेयरमैन ने मार्च 2022 परीक्षा का बहुविकल्पीय भाग-2 परीक्षा शुरू होने के एक घंटे बाद देने और ओएमआर सीट के स्थान पर उत्तरपुस्तिका पर प्रश्नपत्र हल करने की बात मान ली है। बोर्ड चेयरमैन की ओर से इस बात पर भी सहमति प्रदान की गई कि किसी भी विद्यालय से 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ को परीक्षा ड्यूटी पर नहीं लिया जाएगा। इसमें स्टाफ के वरिष्ठ सदस्य को ड्यूटी पर लिया जाएगा। केंद्र अधीक्षक, ऑब्जर्वर को उपमंडल के अंदर व उप-केंद्र अधीक्षक, पर्यवेक्षक को खंड स्तर पर डयूटी दी जाएगी। - अजेंद्र कुंडू, जिला प्रधान, हसला पानीपत।