पानीपत। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में करवाए जा रहे काम और दी जाने वाली मजदूरी में धांधली रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एप तैयार किया है। इसमें कार्य स्थल और काम करने वाले मजदूर की फोटो मौके पर ही जाकर लेनी होगी और उसे एप पर अपलोड करना होगा। इसके बाद संबंधित मजदूर को मजदूरी दी जाएगी। जिस व्यक्ति की काम करते हुए फोटो अपलोड होगी, मजदूरी भी उसी के खाते में जाएगी अन्य किसी व्यक्ति को किए गए भुगतान के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।
ये बातें शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक और विशेष सचिव सुजान सिंह यादव ने लघु सचिवालय में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक लेते हुए अधिकारियों से कही। इस दौरान उन्होंने पंचायती राज और मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित ग्रामीण विकास से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जांचेें कि किन लोगों के लिए उक्त योजना बनाई गई है, किस तरह से उन लोगों को लाभ पहुंचाया जा सकता है, कौन-कौन से दस्तावेज उस योजना के लिए मान्य होंगे।
उन्होंने बताया कि कई बार देखने में आया है कि बिना काम किए ही लाभार्थी उस योजना का फायदा उठा लेते हैं। इसलिए संबंधित अधिकारी जब भी निरीक्षण के लिए जाए और अपनी एनओसी जारी करें तो उस समय वास्तविकता ही दर्शाएं, कोई भी गलत टिप्पणी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के लिए समस्या खड़ी कर सकती है। इससे पूर्व लघु सचिवालय पहुंचने पर उनका अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक चौधरी ने स्वागत किया। इस मौके पर सीटीएम रविंद्र मलिक सहित सभी बीडीपीओज और पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पेपर वर्क, मॉनिटरिंग और वर्किंग साइट की फोटो अनिवार्य
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पेपर वर्क के साथ-साथ धरातल पर काम करें। बेहतर तरीके से मॉनटरिंग करें। काम शुरू होने से पहले और काम शुरू होने के बाद वर्किंग साइट की फोटो और उसके दस्तावेज भी संबंधित रजिस्टर में अंकित करें। ग्रामीण विकास को लेकर प्रत्येक जिले में समीक्षात्मक बैठक की जाएगी जिसकी शुरूआत पानीपत से की गई है।
कोई ऐसा काम न करें जो ऑडिट में आए
उन्होंने कहा कि सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत भी तय समय में काम करने की समय सीमा रखी गई है। इसलिए कोई भी समस्या या शिकायत हो तो उसका तय समय में निपटान करें। कहीं भी कोई समस्या आने पर अपने उच्च अधिकारी को बताएं। कोई भी ऐसा काम न करें जो ऑडिट में आए। सरकार के दिशानिर्देश अनुसार ही काम करें।