पानीपत। पसीना मोड़ के सामने बाइक सवार चचेरे भाइयों जयभगवान और दयानंद की सड़क हादसे में मौत दिल दहला देने वाली थी। करीब 10 मीटर तक शरीर के टुकड़े जीटी रोड पर पड़े हुए और उनके ऊपर से ट्राला इस तरह गुजरा था कि शरीर के ऊपरी हिस्से सड़क पर चिपक गए थे। पोस्टमार्टम के लिए शवों को ले जाते वक्त पुलिस को कस्सी और खुरपे से शरीर के हिस्सों को खुरचना पड़ा। इसके बाद शवों को सिविल अस्पताल ले जा जा सका।
छोटे भाई जयभगवान को कोर्ट ले जा रहे दयानंद, इस हादसे में काल के ग्रास में समा गए। हादसे की सूचना पर सेक्टर-29 थाना और यातायात पुलिस मौके पर पहुंच गई। दोनों शवों की दशा बड़ी खराब थी। उनके हिस्सों को बड़ी मुश्किल से इकट्ठा किया गया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भिजवाया। इस काम में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने ट्राला चालक पर केस दर्ज कर ट्राले को कब्जे में ले लिया है। ट्राले के नंबर के आधार पर उसके मालिक के जरिए चालक तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
बहू ने किया घरेलू हिंसा का केस, इसमें थी तारीख
जयभगवान चार बेटों का पिता था। बड़े बेटे रिंकू की शादी हो चुकी है। वकील, रोहित व अभिषेक अविवाहित हैं। रिंकू की तीन साल पहले शादी हुई थी। उसकी पत्नी ने परिवार पर घरेलू हिंसा का केस कर रखा है। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जयभगवान अपने चचेरे भाई दयानंद को लेकर पानीपत कोर्ट के लिए बाइक पर निकाला था। शुक्रवार सुबह कोर्ट में मामले की सुनवाई थी। दयानंद एक बेटी नीलम, बेटे सोनू व प्रदीप का पिता था। तीनों बच्चों की शादी हो चुकी है।
आरोप है, एक घंटे बाद पुलिस और एंबुलेंस पहुंची
लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दे दी गई थी, मगर एक घंटे की देरी से पहुंची। एंबुलेंस भी एक घंटे की देरी से पहुंची। हालांकि एसपी शशांक कुमार सावन ने साफ किया है कि हादसे वक्त ट्रैफिक पुलिस और ट्रैफिक एसएचओ मौके पर थे। इस मामले में डायल 112 पर कोई कॉल नहीं की गई थी।
दो घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे के बाद दो घंटे तक हाइवे जाम रहा। शव हाइवे पर बिखरे पड़े थे। ट्राला चालक जीटी रोड पर ट्राला खड़ा कर फरार हो गया। शवों से पहले तीन कार आपस में टकरा गई। एक कार डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में जाकर गिरी। इसलिए दोनों लेन जाम हो गई। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर कारों को हटाया और डंपर को कब्जे में लेकर सेक्टर-29 पुलिस थाने में भिजवाया। दो घंटे बाद यातायात सुचारू हुआ।
लोगों ने कारों से लोगों को निकालकर अस्पताल में भिजवाया
तीनों कार में सवार लोग दिल्ली की ओर जा रहे थे। जैसे ही डंपर ने बाइक को टक्कर मारी पीछे आ रही कार ने ब्रेक लगाकर रुकने का प्रयास किया। आगे चल रही कार में पीछे से कार ने टक्कर मारी। तीसरी कार टक्कर लगने के बाद अनियंत्रित हो गई और दूसरी लेन में जा गिरी। तीनों कारों के एयरबैग फट गए। लोगों ने तीनों कारों से आठ लोगों को निकालकर सिवाह के पास निजी अस्पतालों में भिजवाया। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं है।
हादसा दुखद, जल्द आरोपी को करेंगे गिरफ्तार
हादसा दुखद है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। ट्राला कब्जे में लेकर ट्राला चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। - अंकित कुमार, एसएचओ, थाना सेक्टर-29
ानीपत। नेशलल हाइवे-44 पर घटना स्थल पे खड़ी हुई क्षतिग्रस्त कार।- फोटो : Panipat
पानीपत। सिविल अस्पताल पानीपत में विलाप करते हुए मृतक जय भगवान के बेटे रिंकू।- फोटो : Panipat