बिजली की समस्या को लेकर पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे अंसल वासियों का शुक्रवार सुबह धैर्य जवाब दे गया और अंसल के लोग सांसद संजय भाटिया के निवास स्थान के बाहर पहुंच गए। यहां असल के लोगों ने सड़क पर बैठकर अपना रोष प्रदर्शन जाहिर किया। सांसद के न मिलने पर उनकी पत्नी और पुत्र ने लोगों की समस्या के समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
पार्षद ने लोगों की मांगों का समर्थन
इसी बीच वार्ड 20 के पार्षद लोकेश नांगरू मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अंसल के लोगों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वे इसे लेकर खुद सीएम से बात करेंगे। अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। पार्षद लोकेश ने शाम 6:30 बजे अंसल में चल रहे धरना स्थल पर सभी 26 पार्षदों के साथ आने का समय भी दिया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग धरने से उठकर अंसल की ओर निकल गए।
अंसल वासी एडवोकेट सुरभि शर्मा ने बताया कि अंसल ने एचएसवीपी को ईडीसी और आईडीसी दोनों शुल्क जमा करवाए हुए हैं। आईडीसी यानी इंटरनल डेवलपमेंट चार्ज के तौर पर करीब 22-23 करोड़ जमा करवाए थे और ईडीसी यानी एक्सटनरल डेवलपमेंट चार्ज के तौर पर 112 करोड़ रुपये जमा करवाए जा चुके हैं। इसके अलावा अंसल ने पावर हाउस बनाने के लिए बिजली निगम के नाम जमीन तक पंजीकृत करवाई है। इसके बाद भी सरकार बिजली देने के लिए अंसल वासियों से 36 करोड़ रुपये मांग रही है। जो बिल्कुल गलत है।
उन्होंने बताया कि अंसल को 33 केवी सब स्टेशन की जरूरत है। फिलहाल 11 केवी से अस्थायी तौर पर काम चलाया जा सकता है। इस पर करीब 30 लाख खर्च होंगे। इसे भी अंसल के लोग देने को तैयार हैं लेकिन बिजली निगम ने यहां 132 केवी का पावर हाउस का प्रोजेक्ट बनाया है। जिससे अंसल के आसपास के एरिया को भी बिजली सप्लाई दी जा सके। इस पर करीब 36 करोड़ खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि जब हमें आवश्यकता ही 33 केवी की है तो हम 132 केवी के पैसे क्यों दें। इससे पहले जब 112 करोड़ जमा करवाए जा चुेक हैं तो अब 36 करोड़ क्यों जमा करवाएं।