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12वीं के बाद करियर के विषय चयन को लेकर विद्यार्थी कर रहे माथापच्ची

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रवींद्र नैन
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पानीपत। 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी अपने करियर को लेकर चिंतित हैं। कई बार विद्यार्थियों को समझ में नहीं आता कि वे किस विषय का चुनाव करें, जो भविष्य में उसके लिए सफलता के दरवाजे खोले। परिवार के आधे लोग चाहते हैं कि वे इंजीनियर बनें, जबकि आधे चाहते हैं कि वे सिविल सर्विस में जाएं। कोई उसे बिजनेस कोर्स की सलाह देता है तो कोई किसी अन्य कोर्स की। लेकिन ये तभी संभव है, जब उसका मन किसी दूसरे क्षेत्र में जाने का हो। अत्यधिक विकल्प होने के कारण विद्यार्थी भ्रमित हैं कि वे कौन से विषय का चुनाव करें। इसलिए विद्यार्थियों को करियर को लेकर कुछ मुख्य बिंदुओं पर विचार करना चाहिए, जिसके विषय में शिक्षाविदें ने सलाह भी दी है।
कोर्स का चयन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
अपने पसंदीदा विषय को देखते हुए ही कोर्स चुनें। दूसरों की नकल से बचें, क्योंकि हर छात्र का लक्ष्य, प्रतिभा और रुचि अलग होती है।
स्वमूल्यांकन करें, कोर्स का चुनाव करने से पहले यह आत्मनिर्णय करना चाहिए कि आपकी किस काम में ज्यादा रुचि है। छात्र उन सभी विकल्पों की सूची बनाएं, जिनमें स्वयं को साबित कर सकते हैं।
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आजकल संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा होती है, लेकिन सरकारी एवं निजी संस्थानों में प्रवेश लेने से पहले विद्यार्थियों को संस्थान की मान्यता, फैकल्टी की गुणवत्ता, प्रोफेसर, लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुपात, पाठ्यक्रम विविधता, प्लेसमेंट या नौकरी मिलने का प्रतिशत, मूलभूत सुविधाएं जैसे विभिन्न बिंदुओं पर जरूर विचार कर लेना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह
पहले से सुनिश्चित करें लक्ष्य : प्रो. शर्मा
आपको क्या बनना है, इसकी सोच विद्यार्थियों को पहले से ही सुनिश्चित कर लेनी चाहिए। जब लक्ष्य सुनिश्चित होता है, तो विद्यार्थी सही दिशा में आगे बढ़कर प्रयास करते हैं। भ्रम दिशाहीन कर देता है। हर साल महाविद्यालयों से हजारों तकनीकी या गैर-तकनीकी स्नातकों के निकलने के बाद भी नौकरियां नहीं मिलती हैं। जहां तक सही कोर्स चुनने का सवाल है, तो छात्रों को सबसे ज्यादा शीघ्र नौकरी मिलने वाले क्षेत्रों का ध्यान रखना होगा।
-प्रो. बीबी शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर।
अपने करियर की योजना बनाएं विद्यार्थी : प्रो. वर्मा
आज हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। व्यावसायिक विषयों में सीमित प्रवेश संख्या होती है, प्रतिस्पर्धा ज्यादा है। विद्यार्थी में भले ही बहुत प्रतिभा या क्षमता हो, मेरिट हो, लेकिन मुमकिन है कि पसंद के कोर्स या कॉलेज में दाखिला न मिले। इसके लिए जरूरी है कि एक अलग योजना तैयार रहे। विकल्पों के लिए करियर काउंसलर, शिक्षकों, पुराने छात्रों या किसी की भी मदद ली जा सकती है।
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- प्रो. हरी सिंह वर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर।
सही विषय का करें चुनाव : तकदीर सिंह
अगर आप कलाकार या रचनाशील हैं तो विज्ञापन, फैशन, डिजाइन जैसे कोर्स चुन सकते हैं। अगर आपका दिमाग विश्लेषक है तो आपके लिए इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी के क्षेत्र बेहतर होंगे। यहां बहुत सारे विशेषज्ञ कोर्स भी हैं जिन्हें करने के बाद करियर में ऊंची उड़ान भर सकते हैं। अगर भ्रम बना रहे तो अपना प्रोफाइलिंग टेस्ट कराएं। इससे आपको अपनी शक्ति का पता लग सकेगा और आप उसके मुताबिक कोर्स सिलेक्ट कर सकेंगे।
- तकदीर सिंह, सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान, डाइट, पानीपत।
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